विश्व परिवार दिवस विशेष:आगर में एक साथ रहती हैं परिवार की चार पीढ़ियां, 170 सदस्य हर दो माह में साथ खाते हैं खाना

आगर मालवा13 दिन पहले
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वर्तमान में जहां सगे भाई एक परिवार में साथ नहीं रह पाते, वहीं आगर के कुम्हार पुरा में कुंभकार परिवार ऐसा परिवार है जहां चार पीढ़ी के सदस्य एक साथ एक गुवाडी में निवास करते है। यह परिवार एक साथ रहता ही नहीं, बल्कि हर दो माह में एक जगह भोजन के लिए एकत्रित भी होता है। इसी के साथ वर्ष में एक बार सभी एक साथ तीर्थ यात्रा पर भी जाते है।

इस परिवार की सदस्य संख्या 170 है। परिवार में ऐसा प्रेम है कि किसी को कोई भी तकलीफ होती है, तो पूरा परिवार एक साथ खड़ा हो जाता है। हम बात कर रहे है आरएसएस के जिला संघ चालक रहे रोडमल कुंभकार और भाजपा के जिला महामंत्री कैलाश कुंभकार के परिवार की।

यह परिवार नगर में चार पीढ़ी पहले समीप ग्राम मालीखेडी में निवास कराता था। वहां से परिवार के 6 भाई सिद्धनाथ कुंभकार, पुरालाल कुंभकार, गंगाराम कुंभकार, नाथूराम कुंभकार, शंकरलाल कुंभकार और पन्नालाल कुंभकार वर्ष 1860 में यहां कुम्हार पुरा में रहने लगा। तब से अब तक चार पीढ़ी के 170 सदस्यों का यह परिवार यहीं निवास करता आ रहा है।

आरएसएस से जुड़ा रहा पूरा परिवार

इस परिवार के सभी लोग कहीं ना कहीं संघ से जुड़े रहे है। आगर में आने के बाद इन छह भईयों में से शंकरलाल और पन्नालाल संघ की शाखाओं में जाकर संघ का प्रचार प्रसार भी करते रहे। यहीं कारण रहा कि पुरा परिवार ना सिर्फ संघ से जुड़ा रहा, बल्कि परिवार के सदस्य रोडमल कुंभकार संघ के जिला संघ चालक भी रहे। इनके बेटे कैलाश कुंभकार संघ से जुड़े रहने के साथ वर्तमान में भाजपा के जिला महामंत्री भी है।

गुवाडी में पास पास घर, प्रतिदिन 9 किचन में बनता है खाना

परिवार के सदस्य बताते है कि परिवार में सदस्य संख्या बढ़ती गई, तो जगह की कमी होने पर पास पास घर बनाकर रहने लगे। जिसके कारण वर्तमान में इस परिवार का प्रतिदिन खाना 9 किचन में बनता है। दो माह में एक बार सभी सामूहिक रूप से एक स्थान पर भोजन करते है। इस दिन भोजन घर के पुरूष बनाते है। इस परिवार के लोग सामूहिक रजामंदी से वर्ष में एक बार किसी भी तीर्थ दर्शन के लिए जाते है।

सामूहिक परिवार से बच्चों में आते है अच्छे संस्कार

परिवार के सदस्य दिनेश कुंभकार जो कि वर्तमान में सहायक परियोजना समन्वयक राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा आयोग के पद पर आगर में कार्यरत है। उनका कहना है कि सामूहिक परिवार में रहने से परिवार में बच्चों में जहां अच्छे संस्कार आते है। वहीं बड़ी से बड़ी परेशानी का पता चले बिना ही वह हल हो जाती है। सामूहिक परिवार में एक साथ रहने से किसी भी तरह का दुख पलभर में गायब हो जाता है। इसलिए हमारा परिवार वर्षों से एक साथ एक ही गुवाडी में निवास करता आ रहा है।

परिवार के सदस्य।
परिवार के सदस्य।
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