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2018 में चयनित शिक्षकों में रोष:परिवीक्षा समय ​​​​​​​तीन साल की जगह दो साल करने और पूरा वेतन देने की मांग

अनूपपुरएक महीने पहले
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नवनियुक्त शिक्षक एवं शिक्षिकाओं ने शुक्रवार को रोष जताया। अनूपपुर कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्रित होकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मांग की है कि नवनियुक्त शिक्षकों का पूर्ण वेतनमान दिया जाए।

शिक्षकाें ने कहा कि वर्ष 2018 में मप्र शिक्षक भर्ती के तहत हुई परीक्षा में चयनित शिक्षकों की नियुक्ति 2021-22 में हो गई थी। नवनियुक्त शिक्षकों काे शुरू से पूर्ण वेतनमान दिया जाना था। सत्ता परिवर्तन के कारण उन्हें 70% वेतन ही दिया जा रहा है। परिवीक्षा अवधि 2 वर्षों की जगह 3 वर्ष कर दी गई थी। इस कारण जहां एक तरफ नवनियुक्त शिक्षकों को हर माह आर्थिक नुकसान हो रहा है। दूसरी तरफ कई शिक्षकों की उम्र 40 से अधिक हो गई है। जो महज 20 या 22 वर्षों तक की नौकरी कर पाएंगे। इस बार भर्ती 7 वर्षों के बाद आई थी और प्रक्रिया पूरी होने में 3 वर्ष और लग गए। जब इस भर्ती का विज्ञापन तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के समय आया था। तब मूल विज्ञापन में पूर्ण वेतन और 2 वर्ष की परिवीक्षा अवधि का उल्लेख था।

कांग्रेस सरकार ने 2019 में राजपत्र में संशोधन कर परिवीक्षा अवधि 2 वर्ष की जगह 3 वर्ष, आरंभ से ही 100% वेतन की जगह पहले वर्ष मूल वेतन का 70% , दूसरे वर्ष 80%, तीसरे वर्ष 90% और चौथे वर्ष पूर्ण वेतन देने का प्रावधान कर दिया है। ऐसे में शिक्षक चौथे वर्ष में ही पूर्ण वेतन का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।

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