• Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Anuppur
  • Irregular Recruitment Of 78 Employees, Payment Of Rs 98 Lakh In The Name Of Salary, Financial Loss To The Government

अनूपपुर में नगर परिषद में हुआ भर्ती घोटाला:78 कर्मचारियों की अनियमित भर्ती, 98 लाख रुपए का वेतन के नाम पर भुगतान, शासन को हुई आर्थिक क्षति

अनूपपुर4 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

अनूपपुर में जिले की नवगठित नगर परिषद बनगवां में कर्मचारियों की भर्ती और संविलियन को लेकर पूर्व में कई शिकायतें की गईं। इन शिकायतों के बाद तत्कालीन सचिव एवं वर्तमान में नगर परिषद में पदस्थ राजस्व उपनिरीक्षक राजेश कुमार मिश्रा एवं तत्कालीन सरपंच रानी पनिका के खिलाफ नगरीय प्रशासन के संचालक ने अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए पत्र लिखा था। जांच में यह पाया गया कि 78 कर्मचारियों की अनियमित रूप से भर्ती किए जाने के साथ ही 98 लाख रुपए का भुगतान वेतन एवं भत्ते के नाम पर किया गया है। जिससे शासन को आर्थिक क्षति हुई है।

वहीं इस मामले में संविलियन हुए कर्मचारियों के विरुद्ध किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं की गई हैं। इसी के चलते 13 जनवरी को महिलाओं ने सीएमओ सुरेंद्र कुशवाहा को नगरीय प्रशासन आयुक्त के नाम ज्ञापन सौंपा। इन 78 कर्मचारियों में से अधिकांश कर्मचारी सिर्फ कागजों में ही कार्यरत हैं उन्हें स्थानीय लोगों ने कभी भी नहीं देखा। नगर परिषद में हुए घोटाले को लेकर स्थानीय लोग लगातार जांच और कार्रवाई की मांग कर रहे थे। लेकिन किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं होने पर 13 जनवरी को दो दर्जन से ज्यादा महिलाओं ने आधा सैकड़ा महिलाओं के हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन को सौंपा।

दोषियों से हो रुपए की वसूली

सीएमओ को ज्ञापन सौंपते हुए महिलाएं
सीएमओ को ज्ञापन सौंपते हुए महिलाएं

नगरीय प्रशासन विभाग की जांच में इस बात का जिक्र किया गया है कि 78 कर्मचारियों को नवंबर महीने तक 98 लाख रुपए का वेतन भुगतान किया गया है। जिसकी वसूली भी दोषी अधिकारी कर्मचारियों से कराई जाए। महिलाओं के विरोध और ज्ञापन को देखते हुए पहले सीएमओ ज्ञापन लेने ही नहीं पहुंचे, लेकिन जब महिलाओं ने कहा कि वे यहीं धरने पर बैठ जाएंगी, तो इसके बाद सीएमओ मौके पर पहुंचे।

94 वर्षीय महिला ने भी कार्रवाई की मांग

94 साल की वृद्ध महिला हस्ताक्षर करते हुए
94 साल की वृद्ध महिला हस्ताक्षर करते हुए

महिलाओं द्वारा 13 जनवरी से शुरू किए गए इस अभियान में 94 वर्षीय महिला श्रीमती राम कुमारी सिंह भी शामिल रहीं। उन्होंने भी हस्ताक्षर करते हुए आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। वृद्धा राम कुमारी सिंह ने कहा कि नगर परिषद में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता मिलनी थी किंतु भ्रष्टाचार की वजह से युवाओं का रोजगार छिन गया जिन लोगों को कभी देखा ही नहीं गया वह पंचायत कर्मी बनकर अपना संविलियन करा लिए हैं। जापान में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि शीघ्र ही कार्रवाई नहीं की गई तो महिलाएं नगर परिषद के सामने ही धरने पर बैठेगी।

खबरें और भी हैं...