नगरीय निकाय चुनाव:पार्षद प्रत्याशी कर रहे अंधाधुंध खर्च, मॉनीटरिंग नहीं

अशोकनगर2 महीने पहले
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नगरीय निकाय चुनाव में पार्षदों के लिए इस बार निर्वाचन आयोग ने प्रचार के लिए खर्च की लिमिट तो तय कर दी, लेकिन मॉनीटरिंग के नाम पर अब तक प्रशासनिक स्तर से कोई खास पहल शुरू नहीं हुई। यही हाल रहा तो प्रशासन भी आखरी में प्रत्याशियों द्वारा दिए गए खर्च के ब्योरे को ही मान्य करना पड़ेगा। यानी अनावश्यक खर्च पर रोक लगाने के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा शुरू की गई पहल सिर्फ औपचारिकता साबित होगी।

स्थिति यह हैं कि प्रचार के लिए साउंड से लेकर वाहनों के प्रतिदिन का किराया आदि तो प्रशासन ने तय कर दिया, लेकिन कौन प्रत्याशी कितने वाहनों से प्रचार कर रहा है और हर दिन किनी राशि खर्च हो रही है, इसकी मॉनीटरिंग शुरू नहीं की।

यही वजह हैं कि चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी इन दिनों खुलकर खर्चा करने में जुटे है। खासकर पहले चरण होने वाले चुनाव को लेकर अशोकनगर नपा में प्रचार चरम पर है। मैदान में खड़े हुए प्रत्याशियों नेपूरे वार्डों को बैनर-पोस्टर व होर्डिंग्स लगवा दिए। वहीं प्रचार कार्यालय पर चाय-नाश्ता पर हजारों रुपए खर्च हो रहे है।

खर्च का ब्योरा निकालने के लिए टीम बनी हुई है। अपने स्तर से टीम प्रत्याशियों की मॉनिटरिंग करेगी। बकायदा इसकी वीडियोग्राफी भी की जाएगी। बाद में प्रत्याशियों द्वारा खर्च का ब्योरा प्रस्तुत करने के बाद उक्त वीडियों फुटैज के आधार पर मिलान किया जाएगा। - डॉ. नेहा जैन, एसडीएम

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