चंदेरी नगर पालिका में कांग्रेस ने मारी बाजी:दशरथ सिंह उर्फ संतोष कोली बने नपा अध्यक्ष, राजीव सिहारे उपाध्यक्ष बने

अशोकनगर2 महीने पहले

चंदेरी की नगर पालिका में अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस ने बाजी मार ली है। यहां वार्ड नंबर 2 से कांग्रेस के पार्षद बने दशरथ सिंह और संतोष कोली नगर पालिका के अध्यक्ष बन गए हैं। 21 वार्डों की नगर पालिका में से कांग्रेस 13 वोट मिले हैं, जबकि भाजपा के प्रत्याशी 8 वोट पर ही सिमट कर रह गए। चंदेरी नगर पालिका में कांग्रेस और बीजेपी के पास 10-10 पार्षद थे, कांग्रेस के जीते प्रत्याशी को कुछ बीजेपी के भी वोट हैं, चंदेरी में क्रॉस वोटिंग हुई है ।

नपा में 11 बजे से नामनिर्देशन फॉर्म भरने की प्रक्रिया प्रारंभ हुई। वार्ड नंबर 2 से पार्षद बने कांग्रेस के प्रत्याशी दशरथ सिंह उर्फ संतोष कोली ने अपना नाम निर्देशन फॉर्म भरा। उनका नाम कांग्रेस पार्टी ने मैंडेट में भी दिया था। बीजेपी के मैंडेट से वार्ड नंबर 5 से निर्दलीय जीतकर भाजपा में शामिल हुए मदनलाल खटीक में अपना नाम निर्देशन फॉर्म भरा। दोनों के फॉर्म की समीक्षा करने के बाद मतदान हुआ, यहां पर कांग्रेस ने बाजी मार ली है। कांग्रेस के 10 पार्षद बने थे, वहीं बीजेपी के 9 पार्षद थे, जिनमें से वार्ड नंबर 5 से जीते निर्दलीय प्रत्याशी मदन लाल खटीक को शामिल कर लिया था और उन्हीं मैंडेट देकर अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ आया था, लेकिन वह चुनाव हार गए।

चंदेरी नगर पालिका उपाध्यक्ष बने राजीव सिहारे

चंदेरी नगर पालिका में अध्यक्ष का चुनाव होने के बाद 2 बजे से उपाध्यक्ष पद की प्रक्रिया शुरू हुई। जिसमें वार्ड नंबर 16 से पार्षद बने राजीव सिहारे बीजेपी के मैंडेट पर चुनाव लड़े, वहीं कांग्रेस ने वार्ड नंबर 18 से जीते प्रत्याशी दरख्सा अंजूम को मैदान में उतारा था। यहां वोटिंग हुई और भाजपा के राजीव सिहारे को 13 वोट मिले और वह उपाध्यक्ष बन गए। जबकि, कांग्रेस की दरख्शा अंजूम को 8 वोट मिले हैं। उपाध्यक्ष पद के लिए भी क्रॉस वोटिंग हुई और यहां पर भाजपा ने बाजी मार ली है।

भाजपा में ही भितरघात

अशोक नगर की सभी नगर पालिका एवं परिषद में अध्यक्ष पद के लिए बीजेपी ने बाजी मार ली है। लेकिन चंदेरी में कांग्रेस ने अपना परचम लहरा दिया है। चंदेरी विधानसभा में कांग्रेस के विधायक गोपाल सिंह चौहान हैं और उनका कांग्रेस के लिए यह गढ़ माना जाता है। यहां बीजेपी के लिए कड़ी चुनौती थी लेकिन बीजेपी के पास 10 पार्षद होने के बावजूद भी उन्हें पूरे वोट नहीं मिले, कांग्रेस के प्रत्याशी दशरथ सिंह को एक निर्दलीय एवं दो बीजेपी के वोट मिले हैं तब जाकर कांग्रेस के प्रत्याशी की वोटों की संख्या 10 से बढ़कर 13 हो गई है।

खबरें और भी हैं...