आर्थिक परेशानी का सामना:चिरोली से कटाखेड़ा तक सड़क नहीं बनने से बारिश में खदान तक नहीं पहुंच पाते मजदूर

सेहराई2 महीने पहले
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चिरोली गांव से कटाखेड़ा तक लगभग 7 किमी सड़क नहीं होने से यहां के सैकड़ों मजदूरों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क नहीं होने से गांव के मजदूर कटाखेड़ा की पत्थर खदानों ने बारिश के चार-पांच महीने नहीं पहुंच पाते हैं। इससे इन मजदूरों को अपने परिवार का पालन पोषण करने में परेशानी होती है।

चिरोली सहित आसपास के गांव के सैकड़ों मजदूर जंगल के चार पांच किमी रास्ते से होकर कटाखेड़ा गांव में स्थित पत्थर की खदानों तक पहुंचते हैं। लेकिन बारिश के चार-पांच महीने बेलन नदी में पानी बढ़ जाने के कारण पैदल जाने का रास्ता बंद हो जाता है। इससे चिरोली एवं आसपास के मजदूर पत्थर की खदानों पर काम करने नहीं जा पाते हैं। काम नहीं चलने के कारण उन्हें आर्थिक तंगी से जूझना पड़ता है।

अतिरिक्त चक्कर लगाने से दो से तीन गुना ज्यादा खर्च होती है राशि, समय होता है जाया

उल्लेखनीय है कि कटाखेड़ा, खागल, खाकलोन, लुधाया, सिद्धपुरा आदि गांव के रहवासी हाट बाजार करने सेहराई आते हैं व इन गांव के छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा प्राप्त करने सेहराई आते हैं। बारिश के मौसम में इन गांव के लोगों व छात्र-छात्राओं को विक्रमपुर डुंगासरा होते हुए करीब 30 किमी का अतिरिक्त चक्कर लगाकर सेहराई आना पड़ता है।

इससे इनका समय व पैसा दोनों तीन गुना अधिक खर्च होता है साथ ही समय भी बर्बाद होता है। ज्ञात रहे सेहराई से चिरोली होकर कटाखेड़ा गांव व खदानें करीब 11 किमी है। गांव के मोहन सिंह यादव, बहादुरपुर सिंह चादव, शिशु पाल यादव, ऊदल सिंह आदि ने प्रशासन से सड़क मार्ग बनवाने की मांग की है।

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