2 साल में धान का रकबा तीन गुना बढ़ा:5 हजार से बढ़कर 22 हजार हेक्टेयर के पार पहुंचा, मुंगावली क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहा रकबा

अशोकनगर12 दिन पहले

सोयाबीन और उड़द के बाद अब धान का रकबा भी तेजी से बढ़ने लगा है। अशोकनगर में 2 साल में 3 गुना धान के क्षेत्रफल में परिवर्तन हुआ है। 2020 में 5 हजार हेक्टेयर में धान की रोपाई की गई थी। जो 2022 में बढ़कर 22 हजार 500 हेक्टेयर से अधिक हो गई है । धान की रोपाई करने में सबसे आगे मुंगावली क्षेत्र है। उसी क्षेत्र से धान की रोपाई शुरू हुई थी। उसी क्षेत्र में अब सबसे अधिक धान लगाई जा रही है।

सोयाबीन की कम उपज से बड़ा धान का रकबा

कई वर्षों से सोयाबीन और उड़द की फसल में उपज का उत्पादन गिरा था। जिसके चलते कई किसानों ने धीरे-धीरे धान की रोपाई करना शुरू कर दिया। लगभग 5 साल पहले जिले में चंद किसान ही धान की रोपाई करते थे। लेकिन अब 10 प्रतिशत हिस्से में धान की रोपाई हो रही है। प्रतिवर्ष धान की रोपाई करने में तेजी आती जा रही है। खेती-किसानी के जानकारों की मानें तो अगले कुछ वर्षों में धान का रकबा और भी अधिक बढ़ेगा। क्योंकि लोगों का रुझान धान की ओर अधिक बढ़ता जा रहा है।

पर्याप्त पानी होना आवश्यक

धान की रोपाई उन क्षेत्रों में सबसे अधिक हो रही है जहां पर पर्याप्त पानी है। क्योंकि धान भले ही बारिश के मौसम में उगाई जाती हो। परंतु बीच में बारिश का दौर थमने के बाद खेत में पानी भरने की आवश्यकता होती है। ऐसे में जल स्त्रोत का होना आवश्यक है। मुंगावली में नदी एवं जल स्त्रोतों में पानी अच्छा होने की वजह से उधर एरिया बढ़ने लगा है।

अशोकनगर कृषि उपसंचालक एस के कैन ने बताया कि अशोकनगर जिले में सबसे अधिक सोयाबीन की फसल बोई है। यहां पर 1 लाख 94 हजार 791 हेक्टेयर में सोयाबीन की फसल हुई है। जबकि 83 हजार 300 हेक्टेयर में उड़द की फसल की बुवाई हुई है। तीसरे नंबर पर धान की फसल की बुवाई की गई है। जो 22 हजार 500 हेक्टेयर में बोई गई है। इसके अलावा अन्य फसलों की भी बुवाई हुई है। लेकिन बीते 2 साल में धान के रकबे में तेजी से वृद्धि हुई है।

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