वन कर्मियों ने FIR का किया विरोध:कलेक्ट्रेट में 4 सूत्रीय मांगों का दिया ज्ञापन, मजिस्ट्रियल जांच की मांग

अशोकनगर4 महीने पहले

पिछले दिनों विदिशा जिले के लटेरी में हुई घटना के मामले में मजिस्ट्रियल जांच कराने की मांग का वन कर्मियों ने कलेक्ट्रेट में ज्ञापन दिया है। जिसमें उन्होंने बताया कि आत्मरक्षा के लिए जो नियम बनाए गए हैं उन नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है, जबकि वन कर्मियों ने अपने बचाव में गोली चलाई थी और जिस व्यक्ति की गोली लगने से मौत हुई है उस पर लकड़ी चोरी के पहले से भी मामले दर्ज थे।

ज्ञापन में बताया कि, लकड़ी चोरी कर रहे लोगों ने वनकर्मियों पर हमला कर दिया था जिसके बचाव में उनके द्वारा हवाई फायरिंग की गई थी। इस मामले में कोई जांच नहीं की गई जबकि, वन कर्मियों पर हत्या का मामला दर्ज किया दिया गया और मृतक के परिवार को मुआवजा राशि के साथ एक व्यक्ति को शासकीय सेवा में रखने की घोषणा कर दी है। वन कर्मियों की कोई सुनवाई भी नहीं हुई।

यह रखी मांगे

मुख्य वन संरक्षक को जब वन बल प्रमुख का दर्जा प्राप्त है तब उसी आधार पर उनके अधिनस्थ मैदानी वन कर्मचारियों को तत्काल वन बल घोषित किया जाये। आईपीसी के तहत वन क्षेत्रों में घटित समस्त अपराधों को रोकने की शक्तियां प्रदान किया जाए। सच सामने आ सके इसलिए सन्दिर्मित पत्रों और CRPF की धारा 197 (3) के अनुसार चालन की घटना में वन कर्मचारियों के विरुद्ध को जाने वाली FIR में गिरफ्तारी के पहले मजिस्ट्रियल जांच करायी जाये। वर्तमान में इन पत्रों, नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। इन्हें लागू करने के तत्काल निर्देशित किया जाये। वनमण्डल विदिशा में पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज की गई है। उस पर की जाने वाली कार्यवाही पर तत्काल रोक लगाते हुए मजिस्ट्रियल जांच कराई जाए।