नए चेहरों को बनाया सरपंच:80 प्रतिशत नए सरपंचों के हाथ में पंचायत की बागडोर

अशोकनगर3 महीने पहले
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अशोकनगर जनपद क्षेत्र में पहले चरण में 25 जून को मतदान हो गया है । साथ ही देर रात से सरपंच पद के नतीजे भी आने शुरू हुए और अगले दिन तक सभी के परिणाम घोषित हो चुके हैं । इस बार आरक्षण के बाद चुनाव हुआ आरक्षण से कई पुर्व सरपंच को चुनाव लडने के अवसर नहीं मिल पाए थे । वहां पर जिस वर्ग का आरक्षण पहले था उसका बदलाव होने की वजह से बदलाव हुआ, तो कुछ जगहों पर पूर्व सरपंचों को हार का मुंह देखना पड़ा है । अगर अशोकनगर जनपद क्षेत्र से आंकड़ा लगाया जाए तो केवल 10 से 20 प्रतिशत ही ऐसे सरपंच होंगे जो दूसरी या तीसरी बार निर्वाचित हुए हैं । लगभग 80 के करीब सरपंचों को हार का सामना करना पड़ा है ।

कुछ आरक्षण से हटे

त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव में पहले बिना आरक्षण के चुनाव हो रहा था । लेकिन फिर से चुनाव करें और दूसरी बार चुनाव आरक्षण के बाद फिर से चुनाव प्रक्रिया संपन्न हुई है । फिलहाल आधिकारिक पुष्टी तो नहीं हुई लेकिन उम्मीदवारों को अपने-अपने परिणाम के बारे में पता चल चुका है । सभी परिणामों को देखा जाए तो 80 प्रतिशत नए चहरे को चुना गया है । इसमें कुछ पूर्व सरपंच के आरक्षण होने के बाद ही समीकरण बिगड गए थे । पहले के सरपंचों का पहली बार परिणाम आया है जो सबसे अधिक नए चेहरों पर भरोसा जताया गया है । अब नए लोगों के हाथ में पंचायत की कमान दी गई है ।