समर्थन खरीदी पर धान खरीदी की तिथि नहीं हुई घोषित:बालाघाट के करीब सवा लाख किसानों ने कराया है रजिस्ट्रेशन

बालाघाट22 दिन पहले
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मप्र में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को लेकर अब तक शासन द्वारा तिथि निर्धारित नहीं की है। जबकि, पड़ोसी राज्य छग में 1 नवंबर से धान खरीदी शुरू हो चुकी है। जिले में 2 लाख 70 हजार हैक्टेयर में इस खरीफ सीजन में धान का रकबा था। विभागीय तौर पर जानकारी के अनुसार किसानों द्वारा अब तक करीब 2 लाख हैक्टेयर रकबे में धान की कटाई कर गहाई का काम पूर्ण कर लिया है।

अभी 70 हजार हैक्टेयर में कटाई बाकी

अभी शेष 70 हजार हैक्टेयर में पखवाड़े के भीतर किसानों द्वारा फसल की कटाई कर गहाई पूर्ण कर रबी की बोवनी शुरू कर दी जाएगी। इधर, किसानों का कहना रहा कि पखवाड़े के भीतर समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू कर दिया जाना चाहिए। ताकि उन्हें रबी की बोवनी करने के लिए आर्थिक परेशानियों का सामना न करना पड़े। जानकारी के अनुसार जिले में धान उपार्जन को लेकर करीब सवा लाख किसानों द्वारा पंजीयन कराए जाने की जानकारी हैं।

विभागीय तौर पर तैयारी शुरू

धान उपार्जन को लेकर विभागीय तौर पर तैयारी शुरू कर दी गई है। गत दिनों प्रशासनिक अधिकारियों की संपन्न हुई बैठक में खरीदी केंद्रों के साथ ही बारदाने आदि को लेकर अफसरों से फीडबैक मांगे थे। संभावना व्यक्त की जा रही है कि आगामी 20 से 25 नवंबर के आसपास खरीदी शुरू हो सकती है। फिलहाल, तिथि घोषित नही होने के कारण केंद्रों में अभी सन्नाटा पसरा है।

उत्पादन घटने के आसार

जिले में इस खरीफ सीजन में धान फसल का उत्पादन घटने की संभावना दिखाई दे रही है। पूर्व वर्षों के आंकड़ो के अनुसार जिले में करीब 35 लाख क्विंटल से ज्यादा की खरीदी हुई है। लेकिन इस साल अतिवृष्टि और कीट व्याधि के प्रकोप से उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ने की संभावनाओं से किसानों द्वारा इनकार नहीं किया जा रहा।

ज्योति बघेल, जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी का कहना है कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को लेकर शासन से तिथि घोषित नहीं की है। विभागीय तौर पर तैयारी की जा चुकी हैं। वहीं, राजेश खोब्रागड़े, कृषि उपसंचालक का कहना है कि किसानों द्वारा युद्धस्तर पर खरीफ फसल की कटाई कर गहाई का काम किया जा रहा है। अब तक करीब 2 लाख हैक्टेयर में किसानों द्वारा कटाई का काम लगभग पूर्ण कर लिया गया है, सवा लाख किसानों द्वारा पंजीयन किया गया है।

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