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ब्रिटिशकाल का 118 साल पुराना घास बंगला खाक:1903 में अंग्रेजों ने बनवाया था, आग लगने के वक्त घर में मैनेजर की पत्नी और बेटी थीं, दोनों सुरक्षित

बालाघाट24 दिन पहले
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मध्यप्रदेश के बालाघाट में तिरोड़ी मॉयल स्थित ब्रिटिश कालीन घास बंगले में शुक्रवार रात आग लगने से बंगला जलकर खाक हो गया। ये बंगला साल 1903 में तिरोड़ी मॉयल की स्थापना वर्ष में अंग्रेजों द्वारा बनवाया गया था। 118 साल पुराने बंगले में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया गया है। घटना में जनहानि की खबर नहीं है।

5 नवंबर की देर शाम बंगले में आग लग गई, जिसकी सूचना वहां तैनात गार्ड द्वारा स्थानीय लोगों को दी। जब तक दमकल घटना स्थल पहुंचती, तब तक आग विकराल हो चुकी थी। आनन-फानन में आवश्यक वस्तुएं बाहर निकाली गईं। देर तक चली मशक्कत के बावजूद बंगला खाक हो गया। हादसे में करीब 7 लाख रुपए के नुकसान का अनुमान है। तिरोड़ी पुलिस द्वारा आगजनी कायम कर जांच की जा रही है।

15 हजार वर्ग फीट में फैला है कैंपस
जानकारी के अनुसार घास बंगला करीब 15 हजार वर्ग फीट क्षेत्रफल में फैला है। यहां बड़ा-सा बगीचा, शेड, कार पार्किंग आदि की सुविधा है। इसे घास बंगले के नाम से ही जाना जाता है। पहली बार तिरोड़ी आने वाले लोग अक्सर इस ऐतिहासिक बंगले को देखने आते थे। मॉयल की स्थापना से अब तक ये बंगला आमतौर पर तिरोड़ी मॉयल में कार्यरत माइन मैनेजर को अलॉट किया जाता है। वर्तमान में ओडिशा से आए शेख रूहुल अमीन को अलॉट था।

समय रहते बचाई दो जिंदगी
जानकारी अनुसार हादसे के समय अमीन बंगले में उपस्थित नहीं थे। बंगले में सिर्फ उनकी पत्नी शहनाज अमीन और पुत्री अमीना मौजूद थीं, जिन्हें दमकल व पुलिसकर्मियों द्वारा समय रहते निकाल लिया गया। अमीन के बाद ये बंगला माइन मैनेजर सुधीर डी. पाठक को अलॉट होने वाला था।