उम्र 17 साल, हाइट सिर्फ डेढ़ फीट:बड़वानी में दुनिया की सबसे छोटी लड़की होने का दावा

बड़वानीएक महीने पहले

बड़वानी जिला अस्पताल में लगे स्वास्थ्य मेले में दिव्यांग सर्टिफिकेट बनवाने पहुंची सोनाली पहली नजर में एक या दो साल की नजर आती है। लेकिन हकीकत में इसकी उम्र 17 साल है। दुनिया में सबसे छोटे कद (दो फीट) के रूप में नागपुर की ज्योति आमगे को जाना जाता है, लेकिन उससे भी कम हाइट सोनाली की हो सकती है। ऐसा मानना है बड़वानी के डॉक्टरों का।

सोनाली बड़वानी जिले के पानसेमल तहसील के आमदा गांव की निवासी है। जिसकी हाइट डेढ़ से दो फीट के बीच है। माता-पिता ने जब सोनाली की उम्र बताई तो बड़वानी अस्पताल में मौजूद डॉक्टर और अफसरों को विश्वास नहीं हुआ। हालांकि बाद में सोनाली का दिव्यांग सर्टिफिकेट बनाया गया। अब जिले के अधिकारी इसे गिनीज बुक में दर्ज करवाने की बात कह रहे हैं।

सोनाली ठीक से खड़ी रह पाती है और न ही बोल पाती है। उसे सहारे सहारा देना पड़ता है।
सोनाली ठीक से खड़ी रह पाती है और न ही बोल पाती है। उसे सहारे सहारा देना पड़ता है।

ठीक से खड़ी भी नहीं रह पाती सोनाली
सोनाली के माता-पिता इमला बाई-कांतिलाल ने बताया कि सोनाली न ठीक से खड़ी रह पाती है और न ही बोल पाती है। डॉक्टर ने चेकअप करने के बाद उसका दिव्यांग सर्टिफिकेट बनाया। जिसे अब पेंशन के रूप में प्रतिमाह एक हजार रुपए दिए जाएंगे। परिजनों का कहना है कि जिला प्रशासन को प्रयास करना चाहिए कि लड़की का नाम गिनीज ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया जाए। विधिक सेवा प्राधिकरण के एडीजे अमित सिंह सिसोदिया, काउंसलर अनिता चोयल के सहयोग से लड़की का दिव्यांग सर्टिफिकेट बनवाया गया है। एडीजे ने ही अपने हाथ से सोनाली को सर्टिफिकेट दिया।

काउंसलर अनीता चोयल ने बताया माता-पिता को योजनाओं का ज्ञान नहीं होने के कारण अभी तक लाभ नहीं मिला है। एडीजे साहब के सामने लड़की के आने पर तत्काल डॉक्टर द्वारा विकलांग सर्टिफिकेट बनाकर योजना का लाभ दिलाया गया।

सोनाली की उम्र 17 साल है, लेकिन उसकी डेढ़ फीट है।
सोनाली की उम्र 17 साल है, लेकिन उसकी डेढ़ फीट है।

थायराइड हार्मोन की कमी से हो सकती है समस्या
इस बारे में भोपाल एम्स के पीडियाट्रिक एंडोक्रायनोलॉजिस्ट प्रो. डॉक्टर महेश माहेश्वरी ने कहा, लगभग 10 प्रतिशत बच्चों में शॉर्ट स्टेचर या छोटा कद हो सकता है। उसमें भी केवल 2% में यह कुपोषण, लंबी बीमारी, आनुवंशिक, ग्रोथ हार्मोन या थायराइड हार्मोन की कमी से होता है। बाकी बच्चो में फैमिलियल हो सकता है। अगर किसी बच्चे में किसी भी समय हाइट 4 सेंटीमीटर प्रति वर्ष से कम बढ़ रही है तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लेने की जरूरत है। हाइट के साथ अगर बच्चे का मानसिक विकास भी नही हो रहा है तो यह थायराइड हार्मोन की कमी से हो सकता है।

यह एक अनुवांशिक बीमारी- डॉक्टर
बड़वानी के मनोरोग विशेषज्ञ राहुल पाटीदार ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान यदि मां को आयोडीन की कमी है, तो ऐसी स्थिति बनती है। मां ने सही पोषण आहार नहीं लिया तो भी ये स्थिति बनती है। विटामिन डी की कमी के वजह से भी ये समस्या आती है। बच्ची का शारीरिक और मानसिक दोनों रूप में विकास नहीं हुआ है। यदि माता-पिता उसका इलाज एक से दो साल के बीच में करवाते, तो लड़की के कद में परिवर्तन आ सकता था, लेकिन अब बहुत कम संभावना है।

हार्मोन्स का संतुलन बिगड़ने से आती है परेशानी

वहीं इस बारे में बड़वानी के शिशु रोग विशेषज्ञ जेपी नागौर ने बताया कि हार्मोन्स का संतुलन बिगड़ने के कारण ऐसी परेशानी देखने में आती है। हार्मोन्स दो प्रकार के होते हैं एक मानसिक ग्रोथ और एक शारीरिक ग्रोथ हार्मोन्स। इस बच्ची में दोनों हार्मोन्स की कमी है। यह परंपरागत या माता-पिता से आई हुई है। इसे बीमारी नहीं कहा जा सकता, क्योंकि उनके माता-पिता के दूसरे बच्चे स्वस्थ हैं और ग्रोथ कर रहे हैं।

सोनाली का शारीरिक और मानसिक विकास नहीं हो पाया। जिसे डॉक्टर अनुवांशिक बीमारी बता रहे हैं।
सोनाली का शारीरिक और मानसिक विकास नहीं हो पाया। जिसे डॉक्टर अनुवांशिक बीमारी बता रहे हैं।

5 लोगों का है परिवार
सोनाली के परिवार में उसके माता-पिता, एक भाई और एक बहन है। सोनाली की बहन शर्मिला (12) और भाई सुमित (10) पढ़ाई करते हैं। सोनाली के दोनों भाई-बहन सामान्य है।