अन्न दान का भी विशेष महत्व:सोमवती अमावस्या 30 को, मां नर्मदा की भक्त करेंगे आरती

बड़वानीएक महीने पहले
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सोमवती अमावस्या 30 मई को है। राजघाट में बड़ी संख्या में लोग नर्मदा स्नान करने पहुंचेंगे।वहीं कोरोना काल में मारे गए लोगों की आत्मशांति के लिए परिजन नर्मदा किनारे इस दिन कर्मकांड कर सकते हैं। सोमवती अमावस्या को शाम 7 बजे मां नर्मदा घाट निर्माण समिति व आरती समिति के सदस्यों द्वारा मां रेवा की आरती की जाएगी। नर्मदा भक्त सचिन शुक्ला ने बताया सोमवती अमावस्या पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु नर्मदा स्नान करने आएंगे। इसके चलते समिति द्वारा धूप से बचाव के लिए टेंट लगाया जाएगा।

पितरों की शांति के लिए कर सकते हैं कर्मकांड
पंडित चेतन उपाध्याय ने बताया कोरोना काल में मरे कई लोगों का शास्त्र अनुसार अंतिम संस्कार व उत्तर क्रिया नहीं हो सकी थी। कई लोग अकाल मौत व महामारी के कारण परिजन की आत्मशांति के लिए कर्मकांड नहीं कर सके थे। इसके चलते सोमवती अमावस्या पर लोग पितरों की शांति के लिए कर्मकांड राजघाट में कर सकते हैं।

कृतिका नक्षत्र व सोमवती अमावस्या पर पितृ दोष या सूर्य ग्रहण से प्रभावित जातक नर्मदा तट पर पूजन, तर्पण करा सकते हैं। यह विशेष फलदायी होता है। साथ ही अन्न दान का भी विशेष महत्व है।

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