निजी अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप:इलाज के दौरान महिला की मौत, परिजनों ने दो घंटे तक अस्पताल में किया हंगामा

बड़वानी10 दिन पहले
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शहर के अंजड़ नाका स्थित महामृत्युंजय अस्पताल में इलाज के दौरान एक महिला की मौत हो गई। जिसके दूसरे दिन परिजन अस्पताल प्रबंधन व डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल पहुंचे। उन्होंने करीब दो घंटे तक हंगामा किया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन व डॉक्टर पर कार्रवाई की मांग की। हंगामे की सूचना के बाद तहसीलदार आशा परमार व टीआई विकास कपीस मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों की समस्या सुनकर कार्रवाई का आश्वासन दिया। जिसके बाद परिजन रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए थाने पहुंचे।

मृतिका का पति काशीराम जमरे ने बताया मेरी पत्नी दुर्गा जमरे (25) निवासी सावरिया पानी को बच्चे नहीं हो रहे थे। इसके लिए महामृत्युंजय अस्पताल में डॉक्टर चंद्रकांत गुप्ता से जांच के लिए 23 जनवरी को पहुंचे। जहां पर बच्चादानी का ऑपरेशन करने की बात कही। इस पर 24 जनवरी को महिला को ऑपरेशन के लिए सुबह 11 बजे ले गए। शाम को 4 बजे आईसीयू में भर्ती कर दिया। रात करीब 8 बजे परिजनों को सूचना दी कि महिला की मौत हो गई। उसके शव को गांव में घर तक छोड़ दिया।

दूसरे दिन बुधवार को दोपहर करीब 12 बजे मृतिका के परिजन बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंचे। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए महिला की मौत होने की बात कही। साथ ही इलाज के दस्तावेज न देने की बात कही। करीब दो घंटे तक हंगामा करने के बाद अस्पताल में तहसीलदार आशा परमार व टीआई विकास कपीस मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों की समस्या को सुनकर कार्रवाई का आश्वासन दिया।

जानकारी के अनुसार महामृत्युंजय अस्पताल में आयुष्मान कार्ड होने के बाद भी भर्ती मरीज के परिजनों से रुपए लिए गए थे। जिस पर परिजनों ने इसकी शिकायत की थी। शिकायत के बाद एसडीएम घनश्याम धनगर अस्पताल का निरीक्षण करने के लिए पहुंचे थे। उन्होंने इसके संबंध में दस्तावेज भी मांगे थे। इसकी भी जांच चल रही है।

अटैक आने से हुई है मौत
डॉ. चंद्रकाता गुप्ता ने बताया महिला को बच्चा नहीं हो रहा था। उन्होंने यहां पर कई साल इलाज के बाद इंदौर इलाज कराया। जहां दूरबीन से जांच करने, स्टोकास्कोपी करना की बात कही गई। जहां खर्च अधिक बताया। इसके बाद वह मेरे पास आए थे। जिसमें उन्हें यही जांच बोला था। उसका कोई सीजर नहीं हुआ है। जांच में उसे टीबी की गठानें थी। बेहोशी के बाद उसे होश नहीं आ रहा था। उसकी अटैक आने से मौत हुई है।

बीमारी नहीं कैसे हुई मौत
हरेसिंग जमरे व वालसिंह ने बताया महिला को बच्चे नहीं हो रहे थे। जांच कराने लाए थे। इसके अलावा उसे कोई बीमारी नहीं थी लेकिन ऑपरेशन के बाद उसकी मौत हो गई। परिजन शव को सीधे गांव ले गए। उन्होंने बताया हमने शव का अंतिम संस्कार नहीं किया है। हम पोस्टमार्टम कर उसकी जांच की मांग करते हैं। हमें मौत का कारण भी नहीं बताया है। साथ ही संबंधित लोगों पर कार्रवाई कार केस दर्ज कराने की मांग की है।

परिजनों की शिकायत पर शव का पोस्टमार्टम कर रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की जांच कराई जाएगी। जांच के लिए वरिष्ठ अफसरों से मार्गदर्शन लिया जाएगा। -आशा परमार, तहसीलदार बड़वानी

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