सेंधवा में धार्मिक आयोजन:शहर की अग्रवाल कॉलोनी में चल रही भागवत कथा, पंडित त्रिपाठी कर रहे वाचन

सेंधवा19 दिन पहले
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जो अपनी ओर चित में खींचे,अपनी ओर आकर्षित करें सबको मोहित कर अपनी ओर खींच ले जाए इसलिए भगवान का नाम कृष्ण रखा गया है। कृष्ण से ही किसान कृषक बना जो जमीन से अन्न पैदा कर हर जीव का पेट भरते हैं और अन्नदाता कहलाते हैं।

उक्त बातें शहर के अग्रवाल कॉलोनी के शिव मंदिर पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन पंडित आदित्य प्रकाश त्रिपाठी ने कही। प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दौरान पंडित त्रिपाठी के द्वारा विभिन्न प्रसंगों का कथा के माध्यम से वाचन किया जा रहा है।

कथा के पांचवे दिन शनिवार को पंडित आदित्य प्रकाश त्रिपाठी ने कहां की लक्ष्मी कैसे प्राप्त होती है, लक्ष्मी मेहनत से मिलती तो मजदूर के पास लक्ष्मी होती पर उनके पास नहीं है,अगर लक्ष्मी बुद्धिमान को मिलती तो लक्ष्मी ब्राह्मणों को मिलती, जो जमीन पर रहते हुए शास्त्रों की बात कर पंचांग से ग्रहण कब लगेगा बता देते हैं,किंतु उनके पास भी लक्ष्मी नहीं है।

कथावाचक
कथावाचक

लक्ष्मी परोपकार से मिलती है। कर्म और भाग्य दोनों अलग है। कर्म से मोक्ष की प्राप्ति होती है। भाग्य से जीवनयापन की व्यवस्था। कथा के दौरान अग्रवाल समाज की महिला मंडल के द्वारा श्रीमद् भागवत कथा व पंडित त्रिपाठी का स्वागत किया गया। शनिवार को गोवर्धन उत्सव मनाते हुए भगवान को छप्पन भोग लगाकर अन्नकूट प्रसादी का वितरण किया गया।

पांचवें दिन को आरती के दौरान राधेश्याम जोशी, सुरेश तेलंगू, शंकरलाल गोयल, राधेश्याम मंगल, श्रीप्रसाद यादव, सुनील अग्रवाल, राजेन्द्र शर्मा, गोपाल तायल, गोपी अग्रवाल, श्यामसुंदर तायल, अशोक प्रभु, महेश मित्तल, नवल भूतड़ा, दिलीप अग्रवाल, प्रो एचडी वैष्णव, ओम प्रकाश तायल आदि उपस्थित रहे।

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