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आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़ा:पोर्टल पर दर्ज 19 मरीज, अस्पताल में मिले सिर्फ 7, छापे के दौरान खुलासा

बैतूलएक महीने पहले

बैतूल के एक निजी अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना मे बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। अस्पताल ने आयुष्मान पोर्टल पर 19 मरीज भर्ती दिखाए थे, लेकिन मौके पर 7 ही मरीज मिले। स्वास्थ्य और राजस्व प्रशासन के छापे में इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। यहां अस्पताल में छापा मारकर कई रिकार्ड भी जब्त किए गए है।

सीएमएचओ डॉ. एके तिवारी ने बताया कि कलेक्टर अमनबीर सिंह बैंस को आयुष्मान के मरीजों से अनाधिकृत रूप से पैसे वसूले जाने की शिकायत मिली थी। इसको लेकर बैतूल एसडीएम केसी परते, तहसीलदार प्रभात मिश्रा, सीएमएचओ और उनकी टीम ने वैष्णवी हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में आकस्मिक छापा मारा। इस दौरान बहुत सारी गड़बड़ी सामने आई हैं। डॉ. तिवारी ने बताया कि इस अस्पताल में आयुष्मान योजना में भी फर्जीवाड़ा हो रहा था। जिसके दस्तावेजी सबूत सामने आए हैं।

पोर्टल पर 19 मौके पर मिले सिर्फ 7 मरीज

डॉ. तिवारी ने बताया कि वैष्णवी हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर से जो रिकार्ड जब्त किया है, उसकी पड़ताल की जा रही है। सामने आया है कि आयुष्मान योजना का पोर्टल चेक किया गया। इसमें वैष्णवी अस्पताल में 19 मरीज भर्ती दिख रहे थे। जब मौके पर जाकर देखा तो 7 मरीज ही भर्ती थे। इसके अलावा इस अस्पताल में मरीजों को लाने-ले जाने के लिए स्वयं की एंबुलेंस का उपयोग बताया गया।

अस्पताल की जांच के दौरान आईसीयू में भर्ती मरीज बुधियाराव देशमुख के परिजनों से चर्चा की गई, तो बताया गया कि उनसे 22 हजार रुपए बिल लिया गया है। बिल भी प्रस्तुत किया गया। उस समय आईसीयू में कोई भी एमबीबीएस डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं मिला। वहां पर एक बीएचएमएस डॉक्टर ही इलाज करते पाया गया। डॉ. तिवारी ने बताया कि दस्तावेज का विश्लेषण किया जा रहा है। अस्पताल संचालक को नोटिस जारी किया गया है।जिसमे जवाब देने के लिए तीन दिन का समय दिया गया है।

पूरे जिले का डेटा होगा चेक

इस फर्जीवाड़े के सामने आने के बाद कलेक्टर ने आयुष्मान योजना को लेकर सख्ती दिखाई है। सूत्रों के मुताबिक कलेक्टर ने पूरे जिले में आयुष्मान योजना के उपयोगकर्ताओं का डेटा तलब किया है। जिसमें बैतूल के अस्पतालों, नागपुर, इटारसी, भोपाल और अन्य स्थानों पर जिले के आयुष्मान कार्ड धारियों की ओर से करवाए गए इलाज का डेटा खंगाला जाएगा।

इसमें यह भी जांचा जाएगा कि किन बीमारियों के इलाज के लिए इन कार्डों का इस्तेमाल ज्यादा किया गया है। कहां-कहां किन अस्पतालों में इसका उपयोग हुआ है। भोपाल से मांगे गए इस डेटा का विश्लेषण करवाया जाएगा। माना जा रहा है कि इससे बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आ सकता है।

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