अस्पताल में डॉक्टरों की कमी:मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के अस्पताल में डॉक्टरों की कमी

सारनी5 दिन पहले
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मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के कारण पावर प्लांट के कर्मचारी अधिकारी परेशान हैं। यहां पर तीन डॉक्टर के भरोसे 900 कर्मचारियों के परिवारों का इलाज किया जाता हैं। 3 में से एक डॉक्टर ने वीआरएस लेने के लिए पत्राचार किया है। यदि स्वीकार हो जाता है, ताे दो डॉक्टर ही उपलब्ध रहेंगे। ऐसे में अस्पताल की स्थिति दिनों- दिन बिगड़ती ही चली जाएगी।

यहां के कर्मचारी यूनियनों ने स्थानीय प्रबंधन से लेकर जबलपुर मुख्यालय तक डॉक्टरों की नियुक्ति की मांग की है।अस्पताल के अन्य स्टाफ भी रिटायर होते जा रहे हैं। ऐसे में आए दिन स्टाफ की कमी की समस्या बढ़ती जा रही है, लेकिन पावर जनरेटिंग कंपनी का इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। यह स्थिति प्लांट के कर्मचारी अधिकारियों के साथ उनके स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही दिखाता है।

इधर पावर प्लांट की बिजली उत्पादन कर्मचारी संघ के संगठन सचिव साहेबराव पंडाग्रे ने बताया कि यूनियन द्वारा डॉक्टरों की कमी तथा अन्य स्टाफ बढ़ाने के लिए स्थानीय प्रबंधन और जबलपुर मुख्यालय को अस्पताल में व्याप्त समस्या को लेकर पत्राचार किया है, लेकिन आज तक समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है। सतपुड़ा ताप विद्युत गृह के मुख्य अभियंता आरके गुप्ता ने कहा कि प्लांट के अस्पताल में डॉक्टरों की नियुक्ति के लिए कोशिश जारी है।

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