ग्राम कंचनपुर ​​​​​​​में कथा का 5वां दिन:'हमारा शास्त्र कहता है जिस घर स्त्री का सम्मान ना हो, उस घर देवताओं का वास नहीं होता'

गोहद (भिंड)8 दिन पहले
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गोहद के ग्राम कंचनपुर में 5 मई से 15 मई तक चलने वाली श्रीमद्भागवत कथा के 5वें दिन देवकीनंदन ठाकुर ने कथा का वाचन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि हमारे शास्त्र कहते हैं कि जिस घर में स्त्री रूपी देवियों का सम्मान नहीं होता हैं। उस घर में कभी भी देवी देवताओं का वास नहीं होता हैं। जिस घर में स्त्री का सम्मान होता है। उस घर में सदैव देवी देवताओं का वास होता है। इसलिए हमें सदैव स्त्रियों का सम्मान करते रहना हैं। स्त्री का अपमान हमारे पतन का कारण होता है।

इस अवसर पर देवकीनंदन ठाकुर ने युवाओं से आग्रह किया कि मद्यपान का सेवन नहीं करना है। क्योंकि मद्यपान का सेवन करने वाले अपने माता-पिता का सम्मान, बच्चों का यशपान, परिवार की इज्जत, बच्चों का भविष्य पान भी कर जाते हैं। इसलिए हमें इस बुराई से दूर रहने की आवश्यकता है। यह मेरा सभी से आग्रह है। उन्होंने कहा है कि अच्छी बात अगर शत्रु भी कहे तो मानो और बुरी बात अगर पिता कभी कहे तो ना मानो। उदाहरण भक्त पहलाद हैं। उन्होंने कहा है कि आपका व्यवहार धन विवेक जीवन मद्यपान करने से नष्ट हो जाता हैं। नशा करना अच्छा टाइम नहीं बुरे टाइम का निमंत्रण है।

बेलपत्र के वृक्ष की पत्तियां कब तोड़ना चाहिए और कब नहीं

देवकीनंदन महाराज ने कहा है कि बेलपत्र किस दिन ना तोड़े सबसे पहले बिना स्नान किए बेलपत्र के पत्र को छुए भी ना, जूता चप्पल उतारकर ही जाएं। सोमवार को पूर्णिमा, अमावस्या को बेलपत्र की पत्तियों को नहीं तोड़ना है। तीन पत्तियों में करोड़ों देवी देवताओं का वास होता है।

कथा वाचक देवकीनंदन ठाकुर।
कथा वाचक देवकीनंदन ठाकुर।
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