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अनदेखी से फेल होती सूत्र सेवा:रोडवेज की तर्ज से भिंड में सूत्र सेवा की 37 बसें चलाई जाने थी, पहले चरण में थी 12, अब सड़क पर दौड़ रही 6

भिंड2 महीने पहले
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सेवा सूत्र की बस। - Dainik Bhaskar
सेवा सूत्र की बस।

भिंड-ग्वालियर मार्ग पर मध्यप्रदेश सड़क परिवहन निगम की तर्ज पर शुरु की गई सूत्र सेवा प्रोजेक्ट अब लड़खड़ाने लगा है। सरकार की अनदेखी की वजह से यात्रियों को मिलने वाली सेवा फेल साबित हो रही है। इस प्रोजेक्ट के तहत जिले में 37 बसें चलाई जाना थी। परंतु बीते कुछ ही महीनों में यह संख्या 12 से घटकर 6 रह गई है। मामला यहीं तक सीमित नहीं है। इस प्रोजेक्ट को शुरू हुए तीन साल से ज्यादा समय बीत गय है अब तक स्मार्ट सिटी बस स्टैंड अस्थाई व्यवस्था के साथ संचालित हो रहे हैं। यात्री को बस स्टैंड पर सुविधाओं का आभाव बना हुआ है।

करीब तीन साल पहले स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश सरकार ने जिला मुख्यालयों पर सूत्र सेवा योजना शुरु की थी। इस योजना के तहत जिला मुख्यालय सहित प्रमुख कस्बों से एमपी रोडवेज की तर्ज पर बसें चलाई जाना थी। इन बसों को सरकार ने सूत्र सेवा बस नाम दिया था। इस योजना को ट्रेवल्स कंपनियों से अनुबंध किया था। भिंड जिले में भी कुल 37 बसें चलाई जाना थी। यह प्रोजेक्ट शुरू होने के बाद जैसे जैसे समय बीता वैसे-वैसे शासन की रूचि धीरे-धीरे खत्म होती जा रही है। सरकारी अमले के उदासीन रवैए और प्रायवेट बस संचालकों के विरोध के चलते 36 महीने के कम समय में भिंड ग्वालियर समेत अन्य रूट पर दौड़ने वाली इन बसों की संख्या 12 से घटकर 6 रह गई है।

विवादों में प्रोजेक्ट फंसा

सूत्र सेवा प्रोजेक्ट शुरू होते ही निजी बस ऑपरेटरों द्वारा तरह-तरह से विरोध शुरू करने लगे थे। जिले से लेकर भोपाल की राजनीति में दखल रखने निजी बस ऑपरेटरों ने जिला प्रशासन सू्त्र सेवा की बसों के संचालन के लिए एमपी रोडवेज का बसस्टैंड दे दिया था। परंतु यह बात निजी बस ऑपरेटर्स को हजम नहीं हुई थी उन्होंने विरोध करना शुरू कर दिया था। दरअसल वजह यह थी कि जिला मुख्यालय से दिल्ली, ग्वालियर के लिए जाने वाली बसें इसी स्टैंड से रवाना होती है। ऑपरेटर्स का कहना था कि यह प्राेजेक्ट में नया बस स्टैंड बनाया जाना है। इसलिए निजी ऑपरेटर्स को दिए जाने वाले बस स्टैंड से बसों का संचालन नहीं किया जा सकता। इसलिए उसे अलग से बस स्टैंड दिया जाए। प्रशासन ने विवाद सुलझाने के लिए भिंड बस स्टैंड को दो हिस्सों में बांट दिया, जिससे विवाद कुछ समय के लिए शांत हो गया।

बढ़ नहीं सकीं सुविधाएं

इसी विवाद की वजह से ढाई साल गुजरने के बाद अब तक सिटी बस का स्टैंड जिला मुख्यालय पर नहीं बन पाया है। स्थिति यह है कि एमपी रोडवेज के बस स्टैंड को भले ही प्रशासन ने दो हिस्सों में बांट दिया है। लेकिन अब तक प्रशासन सिटी बस के स्टैंड को विकसित नहीं करा पाया है। इस वजह से सिटी बस से सफर करने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि नगर पालिका का कहना है कि सिटी बस के लिए नया बसस्टैंड बनाए जाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।

एसी बसों नहीं दौड़ सकी रोड पर

सूत्र सेवा प्रोजेक्ट में यात्रियों को सुविधा जनक यात्रा के लिए एसी बसें संचालित की जानी थी। इसके लिए जल्द ही बसों की संख्या बढ़ाई जानी थी। एसी व नॉन एसी बसों का किराया में भी अंतर रखा जाना था। परंतु भिंड जिले के यात्री अब तक यह सुविधा से वंचित है।

तीन चरणों में चलाई जाना थी 37 बसें

जिले में सूत्र सेवा के तहत तीन चरणों में कुल 37 बसें दौड़न थी। इस प्रोजेक्ट के मुताबिक प्रथम चरण में 12 बसें थी। दूसरे चरण में 13 और तीसरे चरण में 12 बसें चलाई जाना थी। हालांकि सिटी बस संचालन की जिम्मेदारी लेने वाली ट्रेवल्स कंपनी ने शुरुआत में ही 16 बसें खरीद ली थी, जिसमें 12 के परमिट भी जारी हो गए थे। वहीं 4 बसों के परमिट अब तक स्वीकृत नहीं हो सके।

भिंड नगरपालिका में सिटी बस के संचालन का काम देखने वाले सीओओ का पद पिछले दो साल से खाली पड़ा हुआ है। भिंड नगरपालिका में पदस्थ रहे योगेश पंवार के सितंबर 2019 में तबादले के बाद से यह पद खाली पड़ा हुआ है। वर्तमान में नगरपालिका इंजीनियर दीपक अग्रवाल पर इसका प्रभार है।

यात्रियों के लिए सुविधा जनक बनी सूत्र सेवा की बसें।
यात्रियों के लिए सुविधा जनक बनी सूत्र सेवा की बसें।

प्रशासन ने नहीं दी कोई सुविधा

जिले में सूत्र सेवा बस का संचालन धर्मेन्द्र ट्रेवल्स द्वारा की जा रही है। ट्रेबल्स एजेंसी के संचालक सुरेश सिंह का कहना है कि ढाई साल बीतने के बाद भी बसों का संचालन बढ़ाया जा सका अब तक सिटी बस के लिए बस स्टॉपेज, बुकिंग काउंटर, पेयजल, यात्री प्रतीक्षालय आदि की सुविधाएं विकसित प्रशासन नहीं कर पाया है। हमारे जो परमिट निरस्त किए गए हैं, उनके लिए हमने अपील की है। प्रशासन हमारा सहयोग करें तो हम बसों की संख्या बढ़ाई जा सके।

बसें बढ़ाने के लिए नोटिस दिया

वहीं प्रभारी सीओओ दीपक अग्रवाल का कहना है कि सिटी बस तर्ज पर संचालित होने वाली सूत्र सेवा प्रोजेक्ट में बसों की संख्या बढ़ाने और उन्हें चालू करने के लिए हमने नोटिस जारी किया है। साथ ही सिटी बस के लिए नया बसस्टेंड बनाए जाने के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है।