पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Bhind
  • Corona Vaccine Ends In Malanpur, People Returning Disappointed For 4 Days, Being Vaccinated 4 Days A Week In Mau

खतरा बढ़ा:मालनपुर में कोरोना वैक्सीन खत्म, 4 दिन से निराश लौट रहे लोग, मौ में सप्ताह के 4 दिन ही लगाया जा रहा टीका

गोहद/मालनपुर/ मौ/अकोड़ा/लहारएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • संक्रमण दर बढ़ते ही अस्पताल में जांच के लिए पहुंचने लोग, डॉक्टर बोले- लक्षण दिखने पर अस्पताल ही आएं लोग

गोहद क्षेत्र में कोरोना संक्रमण की रफ्तार कम होने का नाम नहीं ले रही है। जिसके चलते अब शहरी और ग्रामीण इलाकों के लोगों को संक्रमित होने का डर सताने लगा है। इस कारण से पिछले पांच-छन दिनों से लोग कोरोना जांच कराने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंच रहे हैं। गौरतलब है कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर में अब तक गोहद क्षेत्र में 70 से अधिक लोगों में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। जिसमें से 12दिनों में 25 लोगों की मौत भी हो चुकी है। इस कारण से कोरोना वायरस का खौफ लोगों में ऐसा देखा जा रहा है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जांच प्रारंभ होते ही रोजाना कोरोना लक्षण वाले संदिग्ध मरीज जांच के लिए पहुंच रहे हैं।

शुक्रवार को 50 कोरोना लक्षण वाले मरीज जांच के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, जिनका स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा सैंपल लिया गया। इस दौरान अस्पताल स्टॉफ से मिली जानकारी के अनुसार लगातार मिल रहे कोरोना संक्रमितों में सबसे खास बात यह है कि वह किसी न किसी पॉजिटिव मरीज के प्राइमरी कांटेक्ट में आए हैं या तो वे पॉजिटिव मरीज के परिवार के अन्य सदस्य हैं या फिर संपर्क में आए लोग। वहीं गोहद क्षेत्रवासियों के लोगों द्वारा बरती जा रही लापरवाही का परिणाम कोरोना संक्रमितों के बढ़ते आंकड़े के रूप में अब सामने आना प्रारंभ हो गया है।

गोहद में दुकानों में लग रही भीड़, यहीं संक्रमण का खतरा
बीएमओ डॉ.आलोक शर्मा ने बताया कि गोहद में बिना मास्क, सैनिटाइजर व शारीरिक दूरी के दुकानों में लगने वाली भीड़ कोरोना संक्रमितों की संख्या में लगातार इजाफा कर रही है। इन सब के बावजूद अब भी कुछ ऐसे लोग हैं जो समाज के दुश्मन बने हुए हैं। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन नहीं कर रहे हैं। इससे कोरोना संक्रमण बढ़ने का खतरा का पैदा हो गया है।
रोजाना होती है 50 से अधिक मरीजों की जांचः डॉ. आलोक शर्मा ने बताया कि पहले की अपेक्षा वर्तमान में कोरोना की जांच कराने के लिए लोग अधिक संख्या में आने रहे हैं। अस्पताल में पिछले चार से पांच दिनों से रोजाना 15 से 20 मरीजों की आटीपीसीआर जांच और 35 से 40 मरीजों की किट द्वारा जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि कोरोना जांच के आंकड़े और अधिक बढ़ सकते हैं। लेकिन अभी भी कई लोग ऐसे हैं जो संक्रमित हैं,लेकिन वे जांच कराने से डर रहे हैं।
मौ के अस्पताल में सप्ताह में चार दिन लगता है टीका; शासन द्वारा स्वास्थ्य केंद्रों पर सप्ताह में छह दिन टीका लगाने के निर्देश दिए गए हैं। लेकिन मौ नगर के सरकारी अस्पताल में सिर्फ चार दिन कोरोना वैक्सीन लोगों को लगाई जा रही है । डॉ. अमृत लाल राजे का कहना है कि स्टॉफ की कमी के कारण सप्ताह में चार दिन ही टीके लगाए जा रहे हैं। शेष दो दिन शुक्रवार और शनिवार को बच्चों और महिलाओं को अन्य बीमारियों के टीके लगाने का काम होता है।

बीमारी को छुपाएं नहीं, अस्पताल में जांच कराएं

^कोरोना से संक्रमित होने पर लोग भयभीत न हों, संक्रमित होने पर लोगों को सरकारी अस्पताल में आकर अपनी जांच कराना चाहिए। साथ ही अस्पताल के डॉक्टरों की देखरेख में दवा लेना चाहिए ताकि जल्द से जल्द संक्रमण से मुक्ति मिल सके।
डॉ. आलोक शर्मा, बीएमओ, गोहद

स्वास्थ्य केंद्रों पर कोरोना वैक्सीन खत्म
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मालनपुर व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मौ में कोरोना महामारी से बचाव के लिए लोग दिन भर कोरोना से बचाव के लिए टीका लगवाने को लेकर भटकते रहे। इस दौरान मौ नगर के वार्ड क्रमांक 7निवासी गोविंद सिंह ने बताया कि कोरोना को मात देने के लिए टीके की दूसरी डोज लगवाने के लिए चार दिन पहले भी आया था। जब अस्पताल में पहुंचा तो डाक्टरों ने कहा कि अब तो दवाई खत्म हो गई है, फिर आना। शुक्रवार सुबह से ही अस्पताल में बैठा रहा, अंत में स्टॉफ ने बताया कि वैक्सीन आज भी नहीं आई है।

वार्ड क्रमांक 10 निवासी बाबू अग्रवाल ने बताया कि तीन दिन से अस्पताल में टीका लगवाने के लिए आ रहा है यहां कोई सुनवाई नहीं हो रही है। यहां मौजूद कर्मचारियों द्वारा दवाई नहीं आने की बात कह घर वापस जाने की बोली जाती है। वहीं मालनपुर निवासी विक्रम सिंह ने बताया कि शासन ने 18 से 44 वर्ष तक आयु वालों के लिए वैक्सीन लगाने का आदेश जारी कर दिया है, लेकिन कस्बे के स्वास्थ्य केंद्र पर वैक्सीन नहीं होने से युवा और वृद्घजन को बिना टीके के घर वापस लौटना पड़ रहा है।

खबरें और भी हैं...