गोरी किनारे लगे पेड़ों की शिफ्टिंग का मामला:पेड़ काटने का आदेश और उन्हें शिफ्ट करने के लिए किए गए अनुबंध की कॉपी कोर्ट ने मांगी

भिंडएक महीने पहले
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भिंड न्यायालय ने गौरी तालाब के किनारे लगे पेड़ों को नगर पालिका भिंड द्वारा काटने के संबंध में उस आदेश को पेश करने के लिए कहा है, जिसमें गोरी रोड पर लगे पेड़ों को काटने कहा गया हो, साथ ही उस कांट्रेक्ट (अनुबंध) को भी पेश करने के लिए कहा है, जो पेड़ शिफ्टिंग के लिए किया गया है। एडवोकेट मुकेश जैन ने बताया कि गौरी सरोवर किनारे लगे हरे वृक्षों को नगरपालिका रिटेनिंग वॉल बनाने के नाम पर उजाड़ दिया।

इसका शहर के कुछ समाजसेवियों ने विरोध किया। वहीं जब प्रशासन ने हरे वृक्षों को उजाड़ना बंद नहीं किया तो एडवोकेट जैन ने भिंड न्यायालय में विधिक सेवा प्राधिकरण की लोक उपयोगी सेवा के तहत याचिका पेश की थी, जिस पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश सुनील दंडोतिया ने नोटिस जारी करते हुए 6 जून को भिंड कलेक्टर और सीएमओ नगर पालिका भिंड से जवाब मांगा था।

इस पर नगर पालिका ने तारीख के पहले ही गौरी तालाब के किनारे लगे सभी पेड़ों को काट दिए जाने के पश्चात न्यायालय में जवाब दिया था कि उनके द्वारा पेड़ों को काटने के आदेश प्राप्त होने एवं वन संरक्षण अधिनियम के तहत ही कांट्रेक्ट देने के बाद ही पेड़ शिफ्ट किए गए हैं। सुनवाई के दौरान नगरपालिका द्वारा शिफ्टिंग पेड़ों के फोटो भी पेश किए गए, जिसमें अधिकांश पेड़ों में केवल डंठल बचे थे।

एडवोकेट मुकेश जैन ने न्यायालय को बताया कि नगरपालिका द्वारा वन संरक्षण अधिनियम के तहत जिस प्रकार पेड़ों को शिफ्ट किया जाना था, उन नियमों के विरुद्ध कार्य किया गया है। जिस पर से न्यायाधीश सुनील दंडोतिया ने सुनवाई करते हुए नगरपालिका से पेड़ों के काटने के संबंध में आदेश की प्रति और जिस कंपनी के साथ पेड़ शिफ्टिंग का कांट्रेक्ट हुआ है उसकी प्रति 29 जून को पेश करने के आदेश दिए है।

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