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भिंड में अंतिम संस्कार को लेकर दो पक्ष उलझे:सड़क दुर्घटना के 10 महीने बाद मौत, मृतक ने की थी दो शादी, दोनों पत्नियों के बेटों ने जताया हक, पुलिस ने कहा- पहली पत्नी का बेटा कर सकेगा अंतिम संस्कार

भिंड3 महीने पहले
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मृत के शव के अंतिम संस्कर को लेकर दो पत्नियों के बच्चे अपना हक जताते हुए। - Dainik Bhaskar
मृत के शव के अंतिम संस्कर को लेकर दो पत्नियों के बच्चे अपना हक जताते हुए।

भिंड जिले के एंडोरी थाना क्षेत्र के बकनासा गांव में रहने वाले एक व्यक्ति नवंबर 2020 में सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गया था। मृतक ने दो विवाह किए थे। एक विवाह की पत्नी गांव रहती थी और दूसरे शादी के बाद पत्नी को ग्वालियर रख रहा था। सड़क हादसे के दस महीने बाद उपचार के दौरान व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक के अंतिम संस्कार को लेकर दोनों पत्नियों के बच्चे आपस में झगड़ने लगे। पुलिस के हस्ताक्षेप के बाद ही अंतिम संस्कार हो सका।

एंडोरी थाना प्रभारी आरती शाक्य के मुताबिक बकानासा सुरेंद्र पुत्र कन्हाई सिंह भदौरिया का सड़क दुर्घटना में दस महीने पहले गंभीर रूप से घायल हो गए थे। सड़क हादसे के बाद उक्त व्यक्ति का ग्वालियर में इलाज चला जहां वो कौमा में चला गया। इसके बाद परिजनों ने मरीज की मौत के बाद पुलिस को सूचना दी और शव को गोहद अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया गया। यहां पोस्टमार्टम के बाद शव को लेकर दो पक्ष आमने सामने हो गया। इस दौरान पुलिस को पता चला कि सुरेंद्र सिंह भदौरिया की दो शादी हुई थी। पहली शादी तिलावली जिला मुरैना निवासी मुन्नीबाई से हुई थी। पहले शादी से दो बच्चे थे।

इसके बाद सुरेंद्र की मुलाकात भोपाल निवासी पिंकी शर्मा से हुई थी। सुरेंद्र ने पिंकी के साथ कोर्ट मैरिज कर लिया था। पिंकी से शादी करने के बाद दो लड़का व दो लड़कियां है। पिंकी व उनके बच्चों को सुरेंद्र ग्वालियर रखता था। एक साल पहले सुरेंद्र के साथ हुई दुर्घटना व अचेतावस्था में जाने पर दोनों ही पक्ष उसकी देखभाल कर रहे थे। दोनों पक्ष एक दूसरे का साथ दे रहे थे लेकिन सुरेन्द्र की मौत दोनों पक्ष सुरेंद्र के शव का पोस्टमार्टम कराने पीएम हाउस पहुंचे। यहां शव काे लेकर दोनों शादियाें के बच्चे अपना हक जताने लगे। इस वजह से देर शाम तक शव का अंतिम संस्कार नहीं हो सका।

जब शव के अंतिम संस्कार न होने की जानकारी पर पुलिस ने हस्ताक्षेप किया। इस दौरान पहली पत्नी के बेटे राजवीर ने अंतिम संस्कार करने का हक जताया। वहीं दूसरी पत्नी की बेटी पायल और सोनू ने हक जताया। इसके बाद पुलिस ने हिंदू धर्म के पहली पत्नी के होते हुए दूसरी शादी को मान्य नहीं होने की बात कही।

दूसरी शादी की बेटी पायल और सोनू ने कहा कि- आप लोग मेरे पापा का अंतिम संस्कार भले बकनासा में कर लेना लेकिन एक बार ग्वालियर ले जाकर मेरी मां को अंतिम दर्शन करा दो लेकिन दूसरे पक्ष का कहना था कि अंतिम संस्कार गांव में ही होगा क्योंकि सुरेंद्र का सबकुछ गांव में ही है। इसके बाद पुलिस ने दोनों पक्ष में मध्यस्थता कराकर गांव में अंतिम संस्कार कराया।

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