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  • Due To The Lockdown, The Work Was Stopped, The Crop Is Not Giving Even The Crop, In Such A Situation, Consumers Are Asking For Time To Collect The Electricity Bill.

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बिजली बिल वसूली अभियान:लॉकडाउन की वजह से काम धंधा रहा चौपट, फसल भी नहीं दे रही साथ, ऐसे में बिजली बिल जमा करने के लिए समय मांग रहे उपभोक्ता

भिंडएक महीने पहले
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प्रतीकात्मक फोटो - Dainik Bhaskar
प्रतीकात्मक फोटो
  • भिंड जिले में मार्च महीने में बिजली बिल वसूली का लक्ष्य है 64 करोड़
  • हर महीने जिले के 2 लाख 39 हजार उपभोक्ताओं पर बढ़ रहा करोड़ाे का बकाया बिजली बिल

मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी जिले में इन दिनों बिजली वसूली को लेकर अभियान चला रही है। हर रोज बिजली कर्मचारी बकायादार उपभोक्ताओं के घर पहुंच रहे हैं। बिजली बिल जमा करने को लेकर दबाव बना रहे हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं के सामने आर्थिक संकट खड़ा है। बिजली कर्मचारियों से उपभोक्ता यह शब्द कहते सुने व देखे जा रहे है कि कोरोना की वजह से लॉकडाउन लगा तब से काम-धंधा चौपट है, तो कोई कह रहा है कि मौसम खराब रहने से फसलें साथ नहीं दे रही हैं। ऐसे में बिजली बिल कैसे भरें। ऐसे में जो उपभोक्ता बिल नहीं जमा कर पा रहे हैं उनका बिजली कनेक्शन काटा जा रहा है। यह उपभोक्ता बिल जमा करने के लिए अधिकारियों से समय मांग रहे हैं।

मध्य प्रदेश विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारी भिंड जिले के उपभोक्ताओं पर दिनों-दिन बढ़ते बिजली बिल वसूली को लेकर दबाव बना रहे हैं। मार्च महीने में बिजली बिल वसूली का टारगेट भोपाल स्थित एमडी कार्यालय से 64 करोड़ दिया गया। जिलेभर के बिजली अफसर अब तक करीब दस करोड़ रुपए ही वसूल सके हैं। इसके बाद होली का अवकाश की वजह से बिल वसूली अभियान में ब्रेक आया है। अब बिजली अफसरों के पास 31 मार्च का एक दिन ही बचा है। इतने कम समय में बिजली अफसर अपने टारगेट से दूर रहेंगे।

जिले के 2 लाख 39 हजार बिजली उपभोक्ताओं पर 741 करोड़ की राशि बकाया

भिंड जिले में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या करीब 2 लाख 39 हजार है। इन उपभोक्ताओं पर बिजली बिल की बकाया राशि 741 करोड़ है। इन उपभोक्ताओं से बिजली बिल वसूली को लेकर भोपाल एमडी कार्यालय से हर महीने टारगेट फिक्स किया जाता है। परंतु उपभोक्ताओं द्वारा बिल समय पर जमा न करने से हर महीने करोड़ों रुपए बकाया होता जा रहा है।

इसलिए उपभोक्ता है बकाया बिल जमा करने में असमर्थ

बीते एक साल से जिले के व्यापारी वर्ग, किसान वर्ग व प्राइवेट नौकरी करने वालों की आर्थिक स्थिति में गिरावट आई है। जिले में रहने वाले बढ़ी संख्या में लोग दूसरे शहरों में रहकर रोजगार-धंधा करते थे। एक साल पहले लॉकडाउन की वजह से ऐसे लोगों की नौकरी गई हैं। काम धंधा भी चौपट हो गया। इधर किसान भी समय पर नहरों में पानी न आने, खाद- बीज पर्याप्त उपलब्ध न होने। मौसम की मार की वजह से फसल उत्पादन में लगातार घाटा सहन कर रहा है। ऐसे में इन उपभोक्ताओं को घरेलू व कमर्शियल बकाया बिजली बिल की राशि जमा करना बोझ साबित हो रही है। हर रोज महाप्रबंधक कार्यालय के अफसरों से लेकर डिवीजन स्तर के अधिकारियों से उपभोक्ता लॉकडाउन के कारण बिगड़ी आर्थिक स्थिति खराब होने की बात कहते हैं और समय की मांग कर रहे हैं।

दस करोड़ की राशि हुई वसूल

म क्षे वि वि कं लि के महाप्रबंधक डी सुखीजा का कहना है कि मार्च महीने में अब तक दस करोड़ से अधिक का बिजली बिल वसूल जा चुका है। हालांकि बिल वसूली के लक्ष्य से पीछे हैं जिले के बिजली उपभोक्ता, आर्थिक स्थिति ठीक न होने की बात कहकर बिल जमा करने के लिए समय मांगने आते हैं।

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