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लंपी वायरस प्रकोप:रोक के बाद भी मेला मैदान में सजी पशु हाट, नपा अफसर-पुलिस पहुंचने के बाद भी नहीं माने व्यापारी

भिंड14 दिन पहले
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पशुओं में लंपी वायरस लगातार फैल रहा है, जिसे रोकने के लिए कलेक्टर ने पशु हाट पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। लेकिन इसके बाद भी रविवार को मेला मैदान में व्यापारियों ने पशु हाट लगाई। जिसकी सूचना पर नपा अफसर व कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंची। यहां पुलिस व नपा अफसरों को देखकर व्यापारी इधर-उधर ज़रूर हुए, लेकिन उनके लौटते ही व्यापारियों ने फिर से पशु हाट लगाकर कारोबार शुरू कर दिया। जिले में लंपी वायरस के हर रोज संदिग्ध पशु मिल रहे हैं।

ऐसे में एहतियात के तौर पर पशु चिकित्सा विभाग के उपसंचालक डॉ. आरएस भदौरिया ने कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस से जिले पशु हाट पर रोक लगाने के लिए आग्रह किया था। साथ ही पड़ोसी राज्य उत्तरप्रदेश से पशु न आए इसके लिए भी नाका बनाए जाने का भी निवेदन किया था।

इस पर कलेक्टर ने यह दोनों ही आदेश जारी भी करते हुए पशु हाट पर प्रतिबंध लगा दिया। लेकिन रविवार को रोक के बावजूद भी शहर के बायपास रोड मेला मैदान के पास तमाम पशुपालक अपने पशुओं को लेकर वहां पहुंच गए। जब यह सूचना नगरपालिका सीएमओ वीरेंद्र तिवारी के पास पहुंची, तो उन्होंने कर्मचारियों को हाट खत्म कराने के लिए भेजा। नगरपालिका कर्मचारियों ने कोतवाली से पुलिस के जवानों को भी बुला लिया। लेकिन ज्यादातर पशुपालक कुछ पल के लिए तो इधर-उधर हुए और उनके लौटते ही फिर से पशु की खरीद-फरोख्त का कारोबार शुरू कर दिया।

अब तक 23 गाय मिल चुके संदिग्ध
बताया जा रहा है कि जिले लंपी वायरस के लक्षण वाले अब तक 23 पशु जिले में मिल चुके हैं। हालांकि इनमें से तीन गाय ठीक हो चुकी है। जबकि 20 गाय वर्तमान में संदिग्ध रुप से संक्रमित चल रही है, जिनका इलाज चल रहा है। रविवार को ही अकलोनी गांव में एक पशुपालक की दो गायों में लंपी वायरस के लक्षण दिखाई। सूचना मिलने पर पशु चिकित्सा विभाग के उपसंचालक डॉ. भदौरिया ने तत्काल ही गांव में टीम भेजी। उक्त संदिग्ध गायों को आइसोलेट किया गया। साथ ही उनका उपचार भी शुरु कर दिया गया है। जिले में लंपी वायरस के अटेर में सर्वाधिक आठ, गोहद में छह, लहार में एक और पाली में चार गाय संदिग्ध मिल चुकी हैं।

4500 गायों को लगाया टीका
लंपी वायरस के फैलते संक्रमण को देखते हुए पशु चिकित्सा विभाग ने टीकाकरण भी शुरु कर दिया है। रविवार को 2700 गायों के टीका लगाया गया। वहीं अब तक जिले में 4500 गायों को टीका लगाया जा चुका है। पशु चिकित्सा विभाग ने लंपी वायरस की चपेट से पशुओं को बचाने के लिए 10 हजार टीका के डोज खरीदे हैं। इसके अलावा 20 हजार डोज विभाग से भी मांगे गए हैं। उपसंचालक डॉ. भदौरिया का कहना है कि टीकाकरण होने से इस रोग का खतरा कम हो जाएगा।

अब तक नहीं आ पाई जांच रिपोर्ट
जिले में लंपी वायरस के लक्षण वाली चार गाय सबसे पहले पाली गांव में मिली थी। पशु चिकित्सा विभाग की टीम ने आनन-फानन में उक्त गायों के सैंपल लेकर जांच के डीआई लैब भोपाल भेज दिए थे। लेकिन पांच दिन गुजरने के बाद भी अब तक भोपाल से उक्त सैंपल की रिपोर्ट नहीं मिल पाई है, जिससे उनके लंपी वायरस की चपेट में होने की पुष्टि नहीं हो सकी है। वहीं अब विभाग के द्वारा संदिग्ध पशुओं के सैंपल भी लेना बंद कर दिया गया है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि लक्षण होने पर वे इलाज शुरु कर देते हैं। वहीं एक-दो दिन में इलाज का रिस्पांस भी दिखने लगता है। यदि पशु को आराम नहीं मिलता है तो फिर सैंपल जांच के लिए भेजे जाएंगे।

पशु हाट पर लगाई गई है रोक, सूचना भी भेजी थी
"पशु हाट पर रोक लगाने के लिए कलेक्टर साहब ने आदेश जारी कर दिया था। हमने आदेश की एक प्रति कोतवाली के साथ सभी संबंधित विभागों में भेज दी थी। बावजूद इसके पशु हाट लगने की जानकारी मिली। जिले में लंपी के अभी 20 संदिग्ध पशु हैं, जिनका इलाज चल रहा है। साथ ही साढ़े चार हजार पशुओं का टीकाकरण भी हो चुका है।"
-डॉ. आरएस भदौरिया, उपसंचालक, पशु चिकित्सा विभाग

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