विरोध जताया:उपार्जन केंद्रों पर बाजरा खरीद बंद किए जाने पर किसान नेताओं ने जताई आपत्ति

भिंडएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक

जिले के सभी उपार्जन केंद्रों पर बाजरा की खरीदी बंद कर दिए जाने पर भारतीय किसान संघ ने न केवल आपत्ति जताई है बल्कि अभी खरीद बंद न किए जाने की बात कही है। संगठन नेताओं ने कहा है कि उपार्जन केंद्रों के प्रभारियों का कहना है कि सेंट्रल वेयरहाउस के अधिकारी बाजरा की गुणवत्ता में कमी बताकर जमा नहीं कर रहे हैं जबकि किसानों के बाजरा का सैंपल पास होने के बाद ही बाजरा की खरीद की जा रही है। अगर बाजरा वेयरहाउस में जमा नहीं होगा तो हम लोग भुगतान कहां से करेंगे।

भारतीय किसान संघ का प्रतिनिधि मंडल प्रदेश उपाध्यक्ष नमो नारायण दीक्षित के नेतृत्व में कलेक्टर से मिला और इस समस्या से अवगत कराया। कलेक्टर ने बताया कि बाजरा काला पड़ गया है ऐसी शिकायत मिली है हमने सरकार को पत्र लिखा है। किसानों का कहना है कि जिले में बारिश होने के बाद बाजरा की फसल ली गई है इसलिए काला नहीं पड़ा है कुछेक किसानों के बाजरा का रंग हल्का सा बदल गया है, उसे खरीदा जाना चाहिए।

यदि काला पड़ गया है तो हम लोग खुद ही नहीं बेचेंगे। किसान संघ के सचिव बृजेश बाबू चौधरी ने कहा कि प्राकृतिक प्रकोप के कारण किसानों के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए यदि बाजरा नहीं खरीदा गया तो किसान आंदोलन करने को मजबूर होगे। किसान संघ ने मांग की यूरिया एवं डीएपी उपलब्ध कराई जाए तथा खाद की कालाबाजारी पर रोक लगाई जाए।

पांटून पुल बनवाने कलेक्टर ने अधिकारियों से बात
जिलाध्यक्ष रामसिंह चौहान ने कहा कि सिंध नदी पर इंदुर्खीं पुल टूट जाने से किसानों को बहुत परेशानी हो रही है। वहां अस्थाई पांटूल पुल बनाया जाए। कलेक्टर ने तत्काल ब्रिज कार्पोरेशन के अधिकारियों से चर्चा की व्यवस्था करने के आदेश दिया। प्रतिनिधि मंडल में रमेश बाबू चौधरी, लक्ष्मण सिंह नरवरिया, ब्रजेश चौधरी, जनवेद सिंह, लालसिंह सोनू भदौरिया, शैलेंद्र भदौरिया आदि शामिल थे।

खबरें और भी हैं...