पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Bhind
  • Father's Clinic Closed In Kovid, Son Reached District Hospital After Becoming Fake Doctor, Patients Started Treatment

भिंड के जिला अस्पताल में फर्जी डॉक्टर:कोविड में पिता की क्लीनिक बंद हुई, तो बेटा कुछ मरीजों को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेज देता फिर डॉक्टर बनकर इलाज करने भी पहुंच जाता

भिंड3 महीने पहले
जिला अस्पताल में पकड़ा गया फर्जी डॉक्टर।
  • कोविड वार्ड में अटेंडर को शक होने पर हुआ खुलासा
  • कोतवाली पहुंचकर आरोपी बेटे की पिता ने की तरफरदारी

भिंड के जिला अस्पताल में फर्जी डॉक्टर पकड़ाया है। वह कोविड वार्ड में मरीजों का इलाज करता घूम रहा था। स्टाफ को इसकी खबर तक नहीं लगी। शुक्रवार को इलाज करने के अंदाज से एक अटेंडर को शक हुआ, तब मामले का खुलासा हुआ। पुलिस ने फर्जी डॉक्टर को पकड़ लिया। आरोपी का कहना है कि उसके पिता का गांव में क्लीनिक है। कोविड में वह बंद हो गया। इस कारण इक्का-दुक्का मरीजों को जिला अस्पताल भेज देता था। यहीं पर वह उन्हें देखने भी आ जाता था।

शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे विशाल सोनी (35) पुत्र सुरेंद्र सोनी निवासी गायत्री मंदिर के पास जिला अस्पताल में कोविड के संदिग्ध मरीजों का इलाज कर रहा था। वह गले में स्टेथोस्कोप डाले था। साथ में एप्रिन, कुछ दवाएं और ग्लूकोज भी लिए था। इसी दौरान एक मरीज के अटेंडर नीरज वर्मा को शक हुआ।

अटेंडर ने डॉक्टर से पूछ लिया कि आप यहां कब से पदस्थ हैं? फर्जी डॉक्टर अनसुना कर दूसरे मरीज के पास चला गया। जवाब नहीं मिलने पर अटेंडर ने फिर टोका। इसके बाद जवाब देने में वहलड़खड़ा गया। इसी बात पर दोनों में बहस हो गई। विवाद होते देख अस्पताल का स्टाफ भी आ गया। इसके बाद पोल खुल गई।

स्टाफ ने हड़काया तो बोला - मेरा मरीज भर्ती है

फर्जी डॉक्टर पकड़े जाने के बाद हॉस्पिटल में हंगामा हो गया। स्टाफ ने फर्जी डॉक्टर को हड़काया। इसके बाद युवक बोला- मेरे पिता की दीनपुरा गांव में क्लीनिक है। पिता के साथ ही मैं मरीजों का इलाज करता हूं। इन दिनों क्लीनिक पर मरीज आना बंद हो गए। कुछ मरीज आते हैं, तो उन्हें यहां भर्ती होने का बोल देता हूं। इसके बाद इन मरीजों को देखने चला आता हूं।

पिता के साथ सीखा इलाज का तरीका

विशाल के पिता सुरेंद्र सोनी आरएमपी हैं। उनका दीनपुरा में क्लीनिक था। अब यह बंद हो चुका है। क्लीनिक संचालन में विशाल भी इलाज में सहयोग करता था। धीरे-धीरे वह सीख गया था। पिता की क्लीनिक बंद हुई, तो बेटा भी बेरोजगार हो गया। बताया जाता है, विशाल नशे का आदी है। वो जिला अस्पताल में उपचार के लिए परेशान होने वाले मरीजों के अटेंडरों को दांव बनाने के लिए गया था, लेकिन उसका दांव उल्टा पड़ गया।

फर्जी डॉक्टर के पास से पकड़ी गई दवा आदि को देखती हुई पुलिस।
फर्जी डॉक्टर के पास से पकड़ी गई दवा आदि को देखती हुई पुलिस।

फर्जी डॉक्टर को पुलिस को सौँपा

यह घटना उस समय की है, जब जिला अस्पताल में झोलाछाप डॉक्टरों की कोविड जांच चल रही थी। इसी समय, आरएमपी डॉक्टर का पुत्र फर्जी डॉक्टर बनकर यहां इलाज कर रहा था। मामले का खुलासा होने के बाद हेडक्वार्टर डीएसपी मोतीलाल कुशवाहा भी पहुंच गए। इसके बाद आरोपी को कोतवाली पुलिस को सौंप दिया गया।

संक्रमित झोलाछाप फैला रहे थे कोरोना:भिंड के ऊमरी में पुलिस ने 11 डॉक्टरों की कराई जांच, 3 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई

पिता करने लगे बेटे की तरफदारी

कोतवाली थाना प्रभारी राजकुमार शर्मा का कहना है, आरोपी विशाल के पिता सुरेंद्र सोनी बेटे की तरफदारी के लिए आए थे। उन्होंने बताया कि कई बार बेटे को जिला अस्पताल का स्टाफ इलाज में सपोर्ट के लिए बुलाता था, इसलिए वह इलाज करने गया था। डीएसपी मोतीलाल कुशवाहा के मुताबिक मामले की जांच की जा रही है। वहीं, सीएमएचओ डाॅ. अजीत मिश्रा का कहना है कि युवक डॉक्टर बनकर अस्पताल में घूम रहा था। जानकारी लगते ही पुलिस को सौंप दिया है।

खबरें और भी हैं...