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  • In Search Of The Accused, The Police Reached The Relatives' House, The Elderly Woman Of The House Said Light Was Playing With Children On The Terrace, Died Due To Falling

भांजी की मौत पर गांव वालों ने साधी चुप्पी:आरोपियों की तलाश में पुलिस रिश्तेदारों के घर मौ पहुंची, घर की बुजुर्ग महिला बोली- छत पर बच्चों के साथ खेल रही थी रोशनी, गिरने से हुई मौत

भिंड4 महीने पहले
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भांजी की मौत के बाद घर सूना। घर में एक महिला अकेली मिली। - Dainik Bhaskar
भांजी की मौत के बाद घर सूना। घर में एक महिला अकेली मिली।
  • सबूतों के अभाव में पुलिस की जांच कमजोर।

भिंड के भारौली थाना क्षेत्र के सीताराम का पुरा गांव में बीते दिनों बंटवारे को लेकर भांजी की मौत के बाद दाेनों सगे भाई फरार है। पुलिस दोनों सगे भाइयों की तलाश में बुधवार को मौ कस्बे में पहुंची। यहां आरोपियों की तलाश में पुलिस ने रिश्तेदारों के घर दस्तक दी। इधर गांव में दस साल की रोशनी की मौत को लेकर सभी ने चुप्पी साध ली। दैनिक भास्कर टीम ने गांव के कई लाेगों से बातचीत की। गांव का कोई भी व्यक्ति खुलकर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।

बता दें कि बच्ची की मौत के बाद गांव में एक दर्जन से अधिक गांवों के समाज के 100 से अधिक लोगों ने पंचायत की थी। दोनों भाइयों के परिवार को गांव से 45 दिन बाहर रहने का फैसला दिया था। सजा के तौर पर गंगा स्नान के बाद कन्या भोज और भंडारे की सजा सुनाई थी।

भांजी की मौत के आरोप में पुलिस की दबिश से पहले आरोपित मोनू और बुद्धे सिंह फरार हैं। घर में दोनों युवकों की मां फूलदेवी मिली। फूलदेवी ने बातचीत के दौरान यह बात स्वीकार की है कि गांव में पंचायत लगी थी। इस पंचायत क्या फैसला हुआ यह मुझे जानकारी नहीं।

बुजुर्ग महिला का यह भी कहना है कि मेरी बिटिया अट्‌टो बाई की बेटी यानी मेरी नातिन रोशनी छत पर बच्चों के साथ खेल रही थी। वो छत से गिर गई है। इसके बाद उस बात की सूचना पुलिस को भी दी थी। मेरे दोनों बेटे, रोशनी का अंतिम संस्कार करने गए थे। बंदूक से गोली चलने के सवाल पर बुजुर्ग महिला का कहना है कि गोली नहीं चली। उसने यह बात भी स्वीकारी घर में देवर से बंटवारे को लेकर झगड़ा हुआ था।

मोनू और बुद्धे की मां फूलदेवी।
मोनू और बुद्धे की मां फूलदेवी।

50 से अधिक गांव के लोग शामिल हुए थे पंचायत में

गांव में एक जगह कुछ लोग बैठे हुए थे। जब इन लोगों से मोनू और बुद्धे के घर भांजी की मौत और गांव में पंचायत को लेकर बातचीत की गई, तो उन्होंने चुप्पी साध ली। कोई भी कैमरे के सामने कुछ भी बोलने के लिए तैयार नहीं था। हालांकि गांव के एक बुजुर्ग ने कैमरे के सामने सिर्फ इतना बताया कि पचास से अधिक गांव के तीन सौ से ज्यादा लोग पंचायत में शामिल हुए थे।

पंचायत दोनों भाइयों को सजा सुनाई। लड़की की मौत कैसे हुई। यह सवाल पर यह बुजुर्ग भी चुप्पी साध गया, बोला मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। इस पूरे मामले में ज्यादातर गांव वाले यह कह रहे हैं कि कानूनी पचेड़े में कौन पड़े।

बुद्धे और मोन का अपने चाचा से हुआ था विवाद

उल्लेखनीय है कि भारौली थाने के सीताराम का पुरा गांव में 7 मई 2021 को राम लखन कुशवाहा की मौत हुई। 20 मई को राम लखन की तेरहवीं हुई। तेरहवीं में दतिया जिले के डिरौली गांव से अट्टो देवी अपनी 10 वर्षीय बेटी रोशनी के साथ तेरहवीं शामिल होने आईं थीं। 21 मई की सुबह किसी बात पर मृतक राम लखन कुशवाह के छोटे बेटे मोनू सिंह और बुद्वे सिंह का चाचा से झगड़ा हो गया। गांव वासियों का कहना है कि रामलखन तीन भाई है। एक भाई पुजारी बने गए और मंदिर पर पूजा अर्चना करते हैं। दूसरा भाई भिंड में रहता है। राम लखन का भाई बाबा जमीन के बंटवारे को लेकर बाधा बन रहा था। तभी दोनों भाइयों ने ताव में आकर गोली लगी। यह गोली सीधे रोशनी को जा लगी। इसके बाद मौके पर ही मौत हो गई। इस पूरे मामले की जानकारी सीताराम का पुरा में रहने वाले हर व्यक्ति को है। परंतु कोई भी कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं है।

गांव वाले घटना के बारे में कुछ भी बोलने के लिए तैयार नहीं।
गांव वाले घटना के बारे में कुछ भी बोलने के लिए तैयार नहीं।
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