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  • Late Night, The Picture Of 22 Sarpanches Out Of 98 Is Clear, The Results Of The District And Zip Are Delayed Because Of The 13 year old Method Of Counting.

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव:देर रात 98 में से 22 सरपंचों की तस्वीर साफ, जनपद और जिपं के नतीजे और देरी से क्योंकि 13 साल पुराने तरीके से मतगणना

भिंडएक महीने पहले
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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के पहले चरण की मतगणना काफी धीमी गति से चली। देर रात लहार और रौन जनपद की 98 ग्राम पंचायतों में से 22 सरपंचों की स्थिति साफ हो पाई जबकि जनपद और जिला पंचायत सदस्य के नतीजे आधी रात के बाद तक आने की उम्मीद जताई गई। कारण यह था कि इस बार पंचायत चुनाव की मतगणना 13 साल पुराने पैटर्न पर हुई।

वर्ष 2009 में पंचायत चुनाव में सभी पदों के लिए मतदान मतपत्र से हुआ था, तब भी परिणाम आने में काफी वक्त लगा था। वर्ष 2014 में हुए पंचायत चुनाव में ईवीएम और मतपत्र दोनों का उपयोग हुआ था, जिससे परिणाम जल्दी सामने आ गए थे। हालांकि पहले चरण की मतगणना में लग रहे समय को लेकर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. सतीश कुमार एस ने राज्य निर्वाचन आयोग से मार्गदर्शन भी मांगा है ताकि दूसरे चरण की मतगणना शीघ्रता से पूरी की जा सके।

बता दें कि पहले चरण रौन और लहार जनपद में 78 पंच, 98 सरपंच, 37 जनपद और 5 जिला पंचायत सदस्य पद के लिए हुए मतदान की मतगणना मंगलवार की सुबह आठ बजे से प्रारंभ होना थी लेकिन अव्यवस्थाओं के कारण समय से प्रारंभ नहीं हो सकी। लहार जनपद में डेढ़ तो रौन जनपद में ढाई घंटे की देरी से मतगणना प्रारंभ हो सकी। देर रात 9.30 बजे तक चार राउंड पूरे हो सके थे।

देर रात तक आएंगे नतीजे
पंचायत चुनाव के पहले चरण की मतगणना में भले ही देर रात काफी हद तक ग्राम पंचायतों के सरपंच पद स्थित स्थिति साफ हो गई। लेकिन जनपद सदस्य और जिला पंचायत सदस्य के परिणाम देर रात तक आने की संभावना जताई गई है। बताया जा रहा है कि मतगणना के लिए रौन में 29 और लहार में 48 टेबल लगाई गई है। वहीं रौन में औसतन 6 और लहार में 7 राउंड होंगे। जबकि कुछ ग्राम पंचायतें अधिकतम 11 राउंड तक जाएंगी।

अव्यवस्था- मतगणना एजेंट अधिक होने से भी हुई देरी

  • मतगणना स्थल पर सरपंच, जनपद और जिला पंचायत सदस्य पद पर चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों के एजेंटों की संख्या काफी थी। उन्हें विधिवत मतगणना कक्ष के अंदर लेने में भी समय लगा। स्थिति यह थी कि रौन जनपद के मतगणना केंद्र शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के बाहर मतगणना एजेंट की लंबी कतार लगने मतगणना ढाई घंटे की देरी से सुबह करीब 10.30 बजे प्रारंभ हो सकी। इसी प्रकार से लहार में भी मतपेटियां धीमी गति से टेबल पर पहुंचने के कारण पहला राउंड सुबह 9.30 बजे शुरु हो पाया।
  • लहार और रौन दोनों ही मतगणना केंद्रों पर मतगणना कार्य में लगे हुए कर्मचारी सहित प्रत्याशी और उनके एजेंट गर्मी से बेहाल नजर आए। स्थिति यह थी कि उमस भरी गर्मी के मौसम में मतगणना कक्ष के अंदर 15 मिनिट रुकना मुश्किल हो रहा था। उमस के कारण वे व्याकुल हो रहे थे। वहीं पसीने तरबतर हो रहे हैं। घबराहट के कारण मतगणना एजेंट बार-बार पानी के लिए मतगणना कक्ष से बाहर भाग रहे थे। मतपत्रों की वजह से मतगणना केंद्र के अंदर पानी की बोतल ले जाना प्रतिबंधित था।

अव्यवस्थाएं देख कलेक्टर ने अफसरों पर जताई नाराजगी
मंगलवार की सुबह जब कलेक्टर लहार के मतगणना केंद्र पर पहुंचे तो वहां अव्यवस्थाएं देख वे जनपद सीईओ अरुण त्रिपाठी और पीडब्लूडी के दुबे पर गहरी नाराजगी जताई। वहीं मतपेटियां व्यवस्थित ढंग से मतगणना कक्ष न तक पहुंचने को लेकर कलेक्टर ने लहार एसडीएम आरए प्रजापति और तहसीलदार नवीन भारद्वाज पर भी नाराजगी जताई।

मतगणना देरी से शुरू होने के तीन यह भी बड़े कारण
1. मौसम- मंगलवार को उमस भरी गर्मी होने के कारण मतगणना कक्ष के अंदर मतगणना कार्य में लगे कर्मचारी बेहाल नजर आए। वे ठीक काम से नहीं कर पा रहे थे।
2. नियम- मतगणना प्रारंभ करने के लिए सुबह 8 बजे स्ट्रांग रूम खोला जाना था। नियत समय पर स्ट्रांग रूम खोलने के बाद मतपेटियों को टेबल तक लाने समय ज्यादा लगा, इससे पहला राउंड देरी से शुरू हुआ।
3. सारणीकरण- मतगणना के राउंड पूरे होने के बाद सारणीकरण में काफी वक्त लगा। स्थिति यह थी कि मंगलवार की रात 9.30 बजे तक चार राउंड तो पूरे हो गए थे जबकि टेबुलेशन पूरा नहीं हो पाया था।

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