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मस्जिदों में भीड़भाड़ नहीं जुटी:ईद पर सबकी खुशहाली के साथ कोरोना से मुक्ति की मांगी दुआ

भिंड2 दिन पहले
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ईद-उल-अजहा (बकरीद) का त्योहार जिले भर में परंपरागत तरीके से मनाया गया। लेकिन कोरोना गाइड लाइन के चलते ईदगाह और मस्जिदों में भीड़भाड़ नहीं जुटी। इन जगहों पर लोगों ने सीमित संख्या में उपस्थित होकर नमाज अदा की। ईद-उल-अजहा पर सबकी खुशहाली के साथ ही कोरोना से मुक्ति के लिए भी अल्लाहताला से दुआ की गई।

यहां बता दें सुबह 6.30 बजे ईदगाह में पेश इमाम मुफ्ती मोनिस अली ने नमाज अदा कराई। जबकि जामा मस्जिद में शहर काजी इरफान नबी ने नमाज अदा कराई। छोटी मस्जिद में पेश इमाम हमीद खां सहित अन्य मस्जिद और दरगाह में नमाज अदा की गई। इसी प्रकार जिले भर में विभिन्न स्थानों पर नमाज अदा की गई। ईदगाह और मस्जिदों में लोगों की संख्या पर बंदिश होने से तमाम लोगों ने अपने घरों पर नमाज अता करते हुए देश में अमन, चैन व खुशहाली के लिए दुआ की।

सबको मिल जुलकर और भलाई करने की सीख

अंजुमन इस्लाम कमेटी के पूर्व सदर खिजर मोहम्मद कुर्रेशी कहते हैं कि बकरीद कुर्बानी और इबादत का त्योहार है। इस दिन गरीब, बेसहारा, जरूरतमंदों की मदद करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अल्लाताला अपने बंदे का इम्तिहान समय-समय पर लेता है। खुदा की इबादत करने वाले हर व्यक्ति की मुराद पूरी होती है। ईद का त्योहार भाईचारे, त्याग, समर्पण और इंसानियत का पैगाम और सबको मिल जुलकर रहने और भलाई करने की सीख देता है।

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