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  • The Accused Uncle Had Buried The Dead Body Next To The Farm, The Police Got It Removed From The Grave On The Behest Of The Father

भांजी की हत्या को लेकर पुलिस जुटा रही सबूत:आरोपी मामा ने दो खेतों के बीच में दफनाया था शव, पुलिस ने पिता की निशानदेही पर कब्र से निकलवाया

भिंड2 महीने पहले
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भांजी के शव को कब्र से बााहर निकलवाती पुलिस। - Dainik Bhaskar
भांजी के शव को कब्र से बााहर निकलवाती पुलिस।

भरौली थाना क्षेत्र के सीताराम का पुरा में जमीन बंटवारे को लेकर मामा के बीच हुए झगड़े में गोली लगने से भांजी की मौत 21 मई को हो गई थी। इस घटना के बाद पुलिस को सूचित किए बगैर भांजी के शव को चुपके से घर से करीब आधा किलोमीटर दूरी पर खेतों के पास दफनाते हुए अंतिम संस्कार किया गया था। भारौली पुलिस ने मृतक के पिता से पूछताछ की, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर जाकर कब्र की खुदाई करवाई और शव बाहर निकला गया।

गांव के लोगों ने पुलिस के सामने साधी चुप्पी

बुधवार को भारौली पुलिस ने भांजी की मौत की सूचना पर अपनी पड़ताल तेज की। सीताराम का पुरा में रहने वाले लोगों से बातचीत की तो कोई भी घटना का साक्षी बनने के लिए तैयार नहीं था। हालांकि गांव के लोग इस बात को स्वीकार कर रहे थे कि समाज की पंचायत हुई थी। जिसमें भांजी रागिनी की गोली लगने की बात आई थी। इस पर पंचायत ने रागिनी के मामा आरोपी मोनू सिंह और बुद्धे को गंगा स्नान, कन्या भोज, भंडारे और गांव से बाहर रहने की सजा सुनाई है। पुलिस ने अपनी जांच को गति दी और मृतक के पिता मानसिंह कुशवाह निवासी डिरौल दतिया से संपर्क किया। दोपहर के समय रागिनी के पिता मानसिंह आए और पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दी। उन्होंने बताया कि समाज के लोगों के दबाव की वजह से पुलिस के पास नहीं आया।

भांजी के शव को कब्र से बाहर निकलवाती पुलिस।
भांजी के शव को कब्र से बाहर निकलवाती पुलिस।

घर से आधा किलोमीटर दूर दो खेतों के बीच में दफनाया था शव

मृतक का पिता मानसिंह पुलिस को उस जगह लेकर पहुंचा। जहां बेटी रागिनी का शव दफनाया गया था। घर से बाएं ओर करीब आधा किलोमीटर दूरी पर आरोपी मामाओं ने खेत के बीच में खाली जगह में शव को दफनाया गया था। पुलिस ने कब्र खुदवाई और शव को निकलवाया। इसके बाद शव को पीएम के लिए भेजा गया।

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समाज के ठेकेदारों की पंचायत से ना खुश था पिता

समाज के दबाव में मृतक का पिता मानसिंह रिपोर्ट नहीं की थी। इस पूरी घटना में पुलिस मानसिंह को फरियादी बनाएगी। मानसिंह ने पुलिस को बताया कि समाज की पंचायत से वो पूरी तरह ना खुश था। उन्होंने कहा कि समाज के ठेकेदारों ने मेरी बेटी के हत्यारों को जो सजा सुनाई उससे मैं दुखी था। उसने पुलिस को यह भी बताया कि 45 दिन गांव से बाहर और गंगा स्नान के बाद मेरी बेटी के साथ जो अन्याय हुआ है। उसके लिए यह सजा बहुत कम थी। मानसिंह ने बताया कि मेरे दो ही बच्चे हैं। जिसमें बेटी बड़ी थी और दूसरा बच्चा बेटा है। मैं बेटी को पढ़ा लिखाकर काबिल इंसान बनाना चाहत था। बेटी की मौत के बाद से मैं बहुत दुखी हूं।

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