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अफवाह का साइड इफैक्ट:ऑक्सीजन खत्म होने की अफवाह पर मरीजों के परिजन ने लूटे सिलेंडर, डॉक्टरों ने टॉयलेट में छिपकर बचाई जान

भिंड6 महीने पहले
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कार्रवाई...अस्पताल में अफरा-तफरी के बाद पहुंचे कलेक्टर एसपी। - Dainik Bhaskar
कार्रवाई...अस्पताल में अफरा-तफरी के बाद पहुंचे कलेक्टर एसपी।
  • जिला अस्पताल में आधी रात को अफरा-तफरी, कलेक्टर-एसपी ने मौके पर पहुंचकर संभाली स्थिति

बुधवार- गुरुवार की रात करीब 11.30 बजे जिला अस्पताल में ऑक्सीजन सिलेंडर को लेकर अफरा तफरा मच गई। स्थिति यह बनी कि हर अटेंडर अपने मरीज के लिए सिलेंडर लूटने लगे। वहीं जब डॉक्टर्स और पैरामेडिकल स्टाफ ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो अटेंडर उन पर भी हावी होने लगे। ऐसे में डॉक्टर्स और नर्सेस को बाथरुम में छिपकर अपनी जान बचाना पड़ी। वहीं सूचना मिलने पर सीएसपी आनंद राय, कोतवाली टीआई राजकुमार शर्मा दलबल के साथ अस्पताल पहुंचे। तब हालात सामान्य हुए। वहीं रात करीब 12.40 बजे कलेक्टर डॉ सतीश कुमार एस, पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिंह, सीएचएचओ डॉ अजीत मिश्रा, एसडीएम उदय सिंह सिकरवार, आरएमओ डॉ आरएन राजौरिया भी मौके पर पहुंचे।

दरअसल जिला अस्पताल में कोरोना संक्रमितों के साथ संदिग्ध मरीजों की बढ़ती संख्या को देख एक सिलेंडर से दो लोगों को ऑक्सीजन दी जा रही है। बुधवार की रात करीब 11.30 सर्जिकल वार्ड में भर्ती महिला मरीज का बेटा संजीव यादव सेंट्रल सप्लाई में लगाए जाने वाला एक ऑक्सीजन सिलेंडर उठा लाए। यह देख वार्ड में भर्ती अन्य मरीजों को लगा कि ऑक्सीजन खत्म हो रही है और वह भी वार्ड में लगे सिलेंडर कब्जाने लगे।

हंगामे के बाद डॉक्टर्स और नर्स एप्रिन फेंककर बाहर निकले
सर्जीकल वार्ड में ऑक्सीजन को लेकर मची अफरा तफरी के बीच मरीजों के अटेंडर डॉक्टर्स और पैरामेडिकल स्टाफ पर हावी होने लगे। ऐसे में डॉक्टर्स और नर्स एप्रिन (सफेद हाफ कोट) उतारकर अस्पताल से बाहर निकल आए। हालांकि फोर्स पहुंचने के बाद भी डॉक्टर्स और नर्स वार्ड के अंदर जाने में डर रहे थे। सीएसपी आनंद राय और टीआई राजकुमार शर्मा, सब इंस्पेक्टर अनिल गुर्जर ने फोर्स के साथ सभी वार्डों का दौरा किया तब मरीजों के परिजन शांत हुए और स्थिति सामान्य बनी।

पार्किंग में दूसरे राज्यों की गाडि़़यां देख भर्ती मरीजों के खंगाले पते
बुधवार की रात अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या उत्तरप्रदेश सहित ग्वालियर की कार खड़ी देख कलेक्टर, एसपी ने भर्ती मरीजों के पते खंगाले। उन्होंने इमरजेंसी में बनने वाले पर्चे वाले रूम में पहुंचकर पिछले सात दिनों में अस्पताल में भर्ती हुए मरीजों का डाटा निकलवाया। साथ ही भर्ती मरीजों के पते खंगाले। हालांकि ज्यादातर मरीजों के पते भिंड के ही दर्ज थे। इस पर कलेक्टर ने सीएमएचओ से कहा कि वे ऐसी व्यवस्था बनाएं कि पहले जिले के मरीजों वरीयता मिले, बाद में बाहरी मरीज को।

कोविड वार्ड में अटेंडेंट को बैठा देखकर भड़के एसपी, खदेड़वाया
रात करीब 12.40 बजे कलेक्टर, एसपी, एसडीएम भी जिला अस्पताल पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने सभी वार्डों का दौरा किया। साथ ही सीएमएचओ डॉ मिश्रा से ऑक्सीजन की स्टॉक की जानकारी ली। इस दौरान कोविड वार्ड में मरीजों के साथ अटेंडरों की भीड़ देख एसपी भड़क गए। उन्होंने वार्ड में मरीजों के साथ लेटे अटेंडरों को बाहर खदेड़वाया। वहीं जब वे बाहर निकले तो अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में यूपी की गाडिया खड़ी हुई थी, जिन्हें भी एसपी ने बाहर करवाया।

कलेक्टर ने मालनपुर से रात में ही मंगवाएं 63 बड़े ऑक्सीजन सिलेंडर
जिला अस्पताल में इस समय ऑक्सीजन पर 107 मरीज हैं, जिसमें से 18 कोविड के हैं । जबकि 89 कोरोना संदिग्ध है। ऐसे में जिला अस्पताल में ऑक्सीजन सिलेंडर की खपत बढ़ गई है। हर रोज 110 से 125 तक बड़े वाले ऑक्सीजन सिलेंडर खर्च हो रहे हैं। वहीं रात में ऑक्सीजन सिलेंडर को लेकर मची अफरा तफरी के बीच रात में 1 बजे ही कलेक्टर, एसपी ने मालनपुर से 63 बड़े वाले ऑक्सीजन सिलेंडर अस्पताल में मंगवाएं। जो कि रात करीब 3 बजे पहुंचे। इस दौरान कलेक्टर, एसपी ऑक्सीजन सिलेंडर की गाड़ी की पल-पल की लोकेशन लेते रहे। दरअसल अस्पताल में सुबह 4 बजे तक के लिए ही ऑक्सीजन थी।

अलग सिलेंडर मांग रहे थे
अस्पताल में ऑक्सीजन सपोर्ट वाले मरीजों की संख्या ज्यादा है। ऐसे में एक सिलेंडर से दो मरीजों को ऑक्सीजन दी जा रही है। कुछ मरीजों के अटेंडर इंडिविजुअल सिलेंडर मांग रहे थे। हमारे पास सिलेंडर नहीं थे, इसी को लेकर मरीजों के अटेंडर हावी होने लगे।
- डॉ डीसी माहौर, जिला अस्पताल

अफवाह से बिगड़ी स्थिति
अफवाह के कारण कुछ मरीजों के अटेंडर ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर अपने पास रख रहे थे। एसडीएम, सीएसपी को मौके पर भेजा । हम लोग भी स्थिति देखने आए थे। प्रतिदिन 125 सिलेंडर हमें मालनपुर की सूर्या ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट से मिल रहे हैं।
डॉ सतीश कुमार एस, कलेक्टर, भिंड

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