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मनमानी:ठेले वालों को रास नहीं आ रहा हॉकर्स जोन, सदर बाजार में जमीन पर लगा रहे फड़, आए दिन जाम

भिंड19 दिन पहले
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भिंड। शहर में बना  हॉकर जॉन सुना पड़ा हुआ। - Dainik Bhaskar
भिंड। शहर में बना हॉकर जॉन सुना पड़ा हुआ।
  • निर्माणाधीन डिवाइडर पर फड़ वालों का कब्जा
  • नगरपालिका और यातायात पुलिस की तमाम कोशिशों के बाद भी ठेला वाले हॉकर्स जोन में जाने को तैयार नहीं

शहर के अग्रसेन चौराहा से राज टॉकीज मार्ग तक नगरपालिका द्वारा तैयार कराया गया हॉकर्स जोन ठेला वालों को रास नहीं आ रहा है। नगरपालिका और यातायात पुलिस की तमाम कोशिशों के बाद भी ठेला वाले वहां कारोबार करने को तैयार नहीं है। बल्कि अब वे सदर बाजार में सड़क पर फड़ लगाकर सामान बेच रहे हैं, जिससे सदर बाजार में ट्रैफिक जाम की समस्या खत्म होने का नाम नहीं ले रही है।

बता दें कि नगरपालिका द्वारा करीब डेढ़ साल पहले शहर के इटावा रोड अग्रसेन चौराहा से राज टॉकीज को जाने वाले नाला को पाटकर उसके ऊपर 72 लाख रुपए की लागत से सर्वसुविधा युक्त हॉकर्स जोन का निर्माण कराया था। साथ ही इस हॉकर्स जोन में सभी ठेला वालों को उनकी जगह भी आवंटित कर दी गई थी। बावजूद ठेला वाले हॉकर्स जोन में कारोबार करने को तैयार नहीं है। बल्कि बाजार में इधर उधर गलियों में कुछ लोग ठेला लगाकर वे कारोबार कर रहे हैं। तो कुछ सदर बाजार में निर्माणाधीन डिवाइडर किनारे बैठकर सड़क पर ही फड़ लगा रहे हैं। हॉकर्स जोन पूरी तरह से सूना पड़ा हुआ है। कुछ ठेला वालों ने अपने ठेला रखकर सिर्फ अपनी जगह घेर रखी है।

नपा की सभी कोशिशें रही नाकाम
शहर के हॉकर्स जोन को प्रचलन में लाने के लिए प्रशासन हर तरह की कोशिश कर चुका है। सदर बाजार में हॉकर्स जोन तक ग्राहकों को भेजने के लिए जहां सांकेतिक बोर्ड लगवाए गए। साथ ही सस्ते सामान का बाजार कहां हैं, इसका अनाउंस मेंट भी कराया गया है। वहीं यातायात पुलिस ने भी हॉकर्स जोन तक ग्राहकों को भेजने के लिए टमटम को रुट परिवर्तित किया। लेकिन इन सभी कोशिशों के बाद भी हॉकर्स जोन खाली पड़ा हुआ है।

सहालग के बहाना से बाजार में आते हैं
दरअसल इन दिनों बाजार में ज्यादा ग्राहक भी नहीं है। ऐसे में ज्यादातर ठेले वाले इधर उधर ठेला घुमाकर कारोबार कर रहे हैं। लेकिन सहालग और त्यौहार का सीजन आने पर यह सदर बाजार में आ जाते हैं। वहीं प्रशासन जब इनके ऊपर कार्रवाई करने पहुंचता है तो वे सिर्फ त्यौहार और सहालग तक यहां रुकने के बाद हॉकर्स जोन में जाने की विनती करने लगते हैं। मोहलत के बाद भी ठेले वाले हॉकर्स जोन में नहीं पहुंचते हैं।

पुराना हॉकर्स जोन मंडी में तब्दील
अग्रसेन चौराहा से राज टॉकीज मार्ग तक हॉकर्स जोन बनाने से पहले पुराने रेलवे स्टेशन पर भी एक हॉकर्स जोन बना चुकी है। लेकिन वहां भी ठेला वालों को वह भेज नहीं पाई। परिणामस्वरुप पिछले तीन सालों से हॉकर्स जोन सूना पड़ा हुआ था। हालांकि बीते साल कोरोना की पहली लहर आई तो सब्जी मंडी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए नपा ने यहां सब्जी कारोबारियों को भेज दिया। अब पुराना हॉकर्स जोन सब्जी मंडी में तब्दील हो गया है।

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