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  • The Seventh Youth Who Died In The Accident Was Identified With The Bio metric Machine, The Fingerprints Went To The Deceased In PM House, Then Akshay Of Hardoi Was Identified.

डेड बॉडी के थंब इंप्रेशन से पहचाना:भिंड हादसे में 7 मौतें हुईं, एक लावारिस था; आधार केंद्र वाले को बुलाया और बायोमैट्रिक मशीन पर अंगूठा लगाकर की शिनाख्त

भिंड8 महीने पहले
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भिंड हादसे में अज्ञात शव की आइडेंटिटी के लिए एक डॉक्टर का आइडिया काम आ गया। शव की पहचान करने के लिए उन्होंने बायोमैट्रिक मशीन के उपयोग की सलाह दी। मशीन को पोस्टमॉर्टम हाउस ले जाया गया, यहां पर मुर्दे के अंगूठे और उंगलियों को बायोमैट्रिक मशीन पर रखते ही पूरी पहचान सामने आ गई। आधार कार्ड डाउनलोड करके पुलिस ने युवक के घर का पता निकाल लिया।

बता दें कि शुक्रवार को भिंड में बस और कंटेनर की भिड़ंत में एक महिला, छह पुरुषों की मौके पर ही मौत हुई। गोहद कस्बे के सरकारी अस्पताल में एक साथ पहली बार क्षत-विक्षिप्त सात शव पहुंचे। इन शवों की पहचान को लेकर गोहद चौराहा थाना पुलिस भागदौड़ करती रही। सभी की पहचान आधार कार्ड से की गई।

पुलिस को बस के अंदर रखे एक बैग में मृतक अक्षय का आधार कार्ड मिल चुका था, लेकिन आधार कार्ड में काफी पुराना फोटो होने और अक्षय के चेहरे की चमड़ी निकल जाने की वजह से पुलिस और डॉक्टर शिनाख्त नहीं कर पा रहे थे। छह शवों की पहचान होने के बाद इन शवों का पीएम कराकर उनके परिजनों को सौंप दिया था। शाम छह बजने से पहले सातवें शव का पीएम अज्ञात में कराया गया। इसके बाद शव की शिनाख्त को लेकर रात्रि आठ बजे बायोमैट्रिक मशीन के लिए आधार कार्ड बनाने वाले एक युवक से संपर्क किया गया।

साढ़े आठ बजे बायोमैट्रिक मशीन लेकर पीएम हाउस में पुलिस और डॉक्टर पहुंचे। इसके बाद युवक का थम्ब इंप्रेशन बायोमैट्रिक मशीन से लिए गए। आधार कार्ड अपलोड हुआ, जिसमें मृतक की पहचान अक्षय कुमार पुत्र महंगे लाल निवासी नासौली डामर पोस्ट शाहपुरनाऊ, हरदोई बरवान, उत्तर प्रदेश के तौर पर हुई।

इसके बाद बस में मिले आधार कार्ड से मिलान किया गया, तब कही शिनाख्त पुख्ता मानी गई। पते की जानकारी लगाने के लिए घायलों में एक घायल हरदोई का युवक था, जिससे पुलिस ने चर्चा की और उसने आधार कार्ड के आधार पर युवक को पहचान लिया और मृतक के पड़ोसी का नंबर दिया। भिंड पुलिस ने रात्रि करीब दस बजे मृतक के परिवार को सूचना दी।

ऐसे आया आइडिया
गोहद अस्पताल में तैनात बीएमओ डॉ. आलोक शर्मा ने बताया कि तीन साल पहले एक क्षत-विक्षत लाश आई थी। उस समय इसकी पहचान करने के लिए उन्होंने बायोमैट्रिक मशीन बुलवाई थी, लेकिन थम्ब इंप्रेशन नहीं आ पाया था। इसके बाद उन्होंने पहचान के लिए यह बात एसडीओपी नरेंद्र सोलंकी को बताई। तब पुलिस ने आधार कार्ड बनाने वालों की तलाश शुरू की। दो ने आने से मना कर दिया। पुलिस एक युवक को लेकर आई। जब थम्ब इंप्रेशन लिया गया तो आधार डाउनलोड नहीं हुआ। इसके बाद भोपाल स्थित यूडीआई दफ्तर में बात की गई तो बताया गया कि आधार कार्ड नंबर डालने पर ही डाउनलोड होगा। इसके बाद बैग में मिले आधार कार्ड का नंबर डाला गया तो आधार डाउनलोड हो सका।

ग्वालियर में शव के शिनाख्त का इंतजार

  • 5 दिन पहले मोहना के एक ढाबे के पास नीम के पेड़ पर युवक ने फांसी लगा ली थी। युवक की जेब से कोई कागज नहीं मिला था। अभी तक उसकी शिनाख्त नहीं हो पाई है। पुलिस शिनाख्त करने का प्रयास करने के लिए गुमशुदगी रजिस्टर खंगाल रही है।
  • घाटीगांव में एक महीने पहले जंगल में बोरे में बंद एक लाश मिली थी। इस लाश की शिनाख्त अभी तक नहीं हो पाई है। लाश काफी गली हुई अवस्था में थी। तीन टुकड़ों में कंकालनुमा शव मिला था। सिर्फ शर्ट पर पीछे एक टेलर का नाम लिखा है। जिसे लेकर पुलिस पड़ताल कर रही है। पर अभी तक शिनाख्त नहीं हो सकी है।
  • दो दिन पहले जनकगंज में एक युवक की उल्टी करने के बाद मौत हो गई थी। उसकी भी अभी तक पहचान नहीं हो सकी है।