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वैक्सीन संकट:18 से 45 वर्ष के 908 संक्रमित इनके लिए ही वैक्सीन कम पड़ी

भिंडएक महीने पहले
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  • युवाओं को कोरोना की दूसरी लहर से खतरा

कोरोना वायरस की दूसरी लहर में 18 से 45 वर्ष की आयु वर्ग के सबसे ज्यादा 908 लोग संक्रमित हुए हैं। कारण, कामकाज के सिलसिले में इसी वर्ग के लोग ज्यादा समय घर से बाहर बिताते हैं और संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। वहीं जब इनके टीकाकरण की बारी आई तो अब डोज कम पड़ रहे हैं। आलम यह है कि इस आयु वर्ग के लोग टीका लगवाने के लिए कोविन-एप पर पंजीयन तो कर रहे हैं। लेकिन वैक्सीन लगवाने के लिए उन्हें तारीख नहीं मिल रही है।

यहां बता दें कि जिले में कोरोना वैक्सीन लगाए जाने की शुरुआत 16 जनवरी से हुई थी। प्रथम चरण में स्वास्थ्य विभाग के 6 हजार 90 अधिकारी कर्मचारी और 6 हजार 105 फ्रंट लाइन वर्कर को टीका गया। वहीं दूसरी चरण में 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों के टीका लगाए गए। साथ ही 45 से 59 वर्ष के चिंहित बीमारियों से ग्रसित लोगों के भी टीका लगाए गए है। तीसरे चरण में 1 मई से 18 प्लस के भी टीका लाए जाने की शुरुआत कर दी गई है। लेकिन सरकार के पास इन्हें टीका लगाने के लिए पर्याप्त डोज नहीं है। यही वजह है कि जिले में प्रतिदिन 2000 टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके चलते इस आयु वर्ग के लोगों को टीका नहीं लगा पा रहा है।

14 दिन में एक प्रतिशत युवाओं को भी नहीं लग सका टीका
जिले में कोरोना वैक्सीन का टोटा किस कदर है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि एक मई से भले ही 18 प्लस के लोगों को टीका लगाए जाने की शुरुआत हो गई हो। लेकिन 14 दिन में एक प्रतिशत लोगों को भी टीका नहीं लग सका है। बता दें कि जिले में 18 से 44 वर्ष आयु के लोगों की संख्या करीब 6 लाख 50 हजार है। जबकि 14 दिन में इस आयु वर्ग के 2176 लोगों को ही टीका लग सका है, जिसका प्रतिशत 0.33 है।
सहकारिता मंत्री बोले- 18 प्लस के लोगों का बढ़ाएं वैक्सीनेशन
शनिवार को क्राइसिस मेनेजमेंट ग्रुप की बैठक में केबिनेट मंत्री डॉ अरविंद सिंह भदौरिया ने भी टीकाकरण में 18 से 44 वर्ष के लोगों की कम संख्या देखकर चिंता जाहिर की। उन्होंने कलेक्टर से कहा कि इस ग्रुप के लोगों का तेजी से टीकाकरण कराएं। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार 5.5 करोड़ वैक्सीन के डोज खरीद रही है। जल्द ही जिले में पर्याप्त मात्रा में डोज भेजे जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वैक्सीन की भ्रांतियांे को प्रचार प्रसार के माध्यम से दूर किया जाए।

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