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रतनूपुरा मामले में महिला के बयान लेने ग्वालियर पहुंची पुलिस:हॉस्पिटल के बेड पर बैठी मिली गोली लगने से घायल महिला, पुलिस ने पूछा नरेंद्र की कैसे मौत हुई, तो साध ली चुप्पी

भिंडएक महीने पहले
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रतनूपुरा मामले की फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar
रतनूपुरा मामले की फाइल फोटो।
  • घायल महिला को आया होश फिर भी पुलिस की जांच अधूरी।

शहर के देहात थाना क्षेत्र स्थित रतनूपुरा मामले में चार दिन बाद भी पुलिस की जांच अधूरी है। बीते मंगलवार की रात रतनूपुरा में एक घर के अंदर महिला गोली लगने से घायल हुई थी। वहीं, घर के बेड रूम में न्यायालय का निलंबित बाबू नरेंद्र सिंह की बॉडी मिली थी। इस मामले में पुलिस को घायल महिला के होश में आने का इंतजार था। यह महिला के कथन लेने के लिए भिंड पुलिस शनिवार की रात ग्वालियर पहुंची। पुलिस के पहुंचने के दौरान महिला पलंग पर बैठी हुई थी। पुलिस ने जब बयान लिए तो कोई खास जानकारी नहीं जुटा सकी। पुलिस इस मामले में अभी भी अंधेरे में तीर चला रही है।

चार दिन बाद भी पुलिस रतनूपुरा में एक घर के अंदर मिली न्यायालयीन के निलंबित कर्मचारी नरेंद्र सिंह की मर्डर मिस्ट्री नहीं खोल सकी। पुलिस, को शनिवार की दोपहर ज्ञात हुआ कि इस केस की चस्मदीद गवाह घायल महिला को होश आ गया। रात करीब आठ बजे भिंड पुलिस बयान लेने ग्वालियर पहुंंची। तहसीलदार के समक्ष बयान लिए जाने थे। उक्त घायल महिला ने ग्वालियर की तहसीलदार को कुछ भी नहीं बताया। वहीं, भिंड पुलिस ने महिला से बातचीत की तो पहले वो साधारण तरीके से बातचीत करती रही। परंतु जैसे ही न्यायालयीन निलंबित कर्मचारी नरेंद्र को गोली लगने और मौत की बात पुलिस की, तभी वो चुप्पी साधकर बैठ गई। इसके बाद पुलिस ने बार-बार महिला से पूछा, लेकिन उसने कुछ भी नहीं बताया। इस दौरान हॉस्पिटल की नर्स व डॉक्टर ने पुलिस से कहा कि अभी मरीज की हालत ठीक नहीं ज्यादा टेंशन मत देना। इस वजह से पुलिस अपने सवालों के जवाब मिले बगैर ही बैरंग लौटी।

हत्या या आत्महत्या के बीच झूल रही जांच

अब तक की जांच में पुलिस के अधिकारी इस पूरी केस को न्यायालयीन के निलंबित कर्मचारी नरेंद्र सिंह द्वारा पहले महिला को गोली मारने और फिर स्वयं को गोली मारकर आत्महत्या की किए जाने की बात कहती आ रही है। मौका-ए-वारदात पर कई ऐसे सवाल खड़े हुए है जिस वजह से पुलिस पूरे मामले में हत्या हुई या आत्महत्या की, कोई एक निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी।

इन सवालों में उलझी पुलिस

  • आखिर कितने बजे गोली चली। शॉर्ट पीएम भी इस बात का खुलासा नहीं हो सका।
  • नरेंद्र कितने बजे महिला के घर पहुंचा। घर के अंदर एक के बाद एक गोली चली, उस समय बच्चे कहां थे। किसी को आवाज सुनाई क्यों नहीं दी।
  • पुलिस अब तक मान रही है कि महिला को गोली नरेंद्र ने मारी, इसके बाद स्वयं को गोली मारी। नरेंद्र ने महिला को गोली दूर से क्यों मारी? जबकि वो पास में था कनपटी से सटाकर गोली क्यों नहीं चलाई।
  • महिला की कनपटी के दाहिने ओर व मृतक नरेंद्र की कनपटी पर दाहिने ओर गोली लगी। नरेंद्र के बाएं हाथ पर कट्‌टा कैसे गिरा।
  • नरेंद्र के बैग में 60 कारतूस मिले। इतने कारतूस कहां से नरेंद्र के पास आए थे और क्यों खदीदे थे?
  • नरेंद्र और महिला की वॉट्सऐप चैट भी पुलिस ने पढ़ी। नरेंद्र ने एक महीने की चैट क्यों डीलिट की। जबकि कोई चैट डीलिट करता है तो पूरी एक साथ क्लियर करता है। यदि प्री प्लान से आया था तो उसने महिला के मोबाइल की चैट क्यों डीलिट नहीं की?
  • पुलिस ने महिला के फौजी पति से भी पूछताछ की। उसके बयानों को पुष्ट करने के लिए मोबाइल लोकेशन व सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग भी निकाली। ग्वालियर में जिस ट्रेन से वो ड्यूटी पर गया। वो जानकारी निकाली।
  • घालय महिला के देवर से भी पूछताछ की है। पूछताछ के दौरान कई बातों को पुलिस ने अपनी जांच में शामिल किया।
  • पुलिस को शक है कि इस मामले में कोई तीसरा युवक भी तो नहीं था। पुलिस इस दृष्टि से मामले की पड़ताल कर रही है।
  • पुलिस अब महिला के मोबाइल की कॉल हिस्ट्री की जांच करेगी। आखिर यह महिला किस-किस से बातचीत करती थी।
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