राज्य में 5 वर्ष में एक बार होती लघु सिंचाई:सिंचाई के साधनों व सिंचित क्षेत्रफल का पता लगाने की जा रही सिंचाई संगणना

झागरएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
ऐप के माध्यम से क्षेत्र में सिंचाई की गणना करते पटवारी। - Dainik Bhaskar
ऐप के माध्यम से क्षेत्र में सिंचाई की गणना करते पटवारी।

मप्र में छठवीं लघु सिंचाई संगणना एवं जल निकायों की गणना संदर्भ-वर्ष 2017-18 के भू अभिलेखों के आधार पर पटवारियों द्वारा की जा रही है। सिंचाई-गणना का मुख्य उद्देश्य राज्य में 5 वर्ष में एक बार लघु सिंचाई संरचनाओं की गणना करना है। यह योजना वर्ष 1987 से प्रारंभ की गई है। इसके तहत अब तक पांच संगणनाएं की जा चुकी हैं। अब 2017-18 को आधार वर्ष मानकर छठी सिंचाई संगणना वर्तमान में की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य प्रदेश के सभी ग्रामों में सिंचाई के साधनों के साथ-साथ सिंचित क्षेत्रफल ज्ञात करना है। इस विषय में विस्तृत जानकारी देते हुए महेंद्रसिंह पटवारी ने बताया कि 4 संगणना का कार्य पटवारी द्वारा खेत-खेत जाकर किसान को जानकारी के गोपनीय रखने का आश्वासन देकर। सिंचाई संरचना के स्थापित करने में लगने वाली लागत, मशीनरी और विद्युत खर्च के विषय में पूरी जानकारी के साथ-साथ खरीफ रबी और बारहमासी फसलों में प्रत्येक मौसम में कितने दिन तक कितने घंटे सिंचाई के आंकड़े एकत्रित कर मोबाइल में खुलने वाली अनुसूची पर ऑनलाइन भरकर खेत पर ही अपलोड किया जा रहा है। अर्थात विगत पांचों सिंचाई संगणना जहां कागजों पर की गई थीं। वहीं छठी सिंचाई संगणना इस बार मोबाइल के माध्यम से पटवारियों के द्वारा ऑनलाइन की जा रही है।

खबरें और भी हैं...