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आज भी ओलावृष्टि के आसार:चांचौड़ा, राघौगढ़, आरोन के 110 गांव में रात में बरसे ओले... सुबह खेतों में किसानों को फसल के डंठल मिले

गुना/ चांचौड़ा/ आरोन/ राघौगढ़19 दिन पहले
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सरसों की फसल तने से टूटकर खेतों में गिर गई। - Dainik Bhaskar
सरसों की फसल तने से टूटकर खेतों में गिर गई।

बुधवार रात से मौसम में आए बदलाव के कारण जिले के चांचौड़ा, आरोन और राघौगढ़ क्षेत्र के 110 से ज्यादा गांवों में भारी ओलावृष्टि हुई। सबसे ज्यादा नुकसान चांचौड़ा ब्लॉक में हुआ है, जहां 51 गांव प्रभावित हुए हैं। सबसे ज्यादा बारिश भी यही हुई। प्रशासन के प्रारंभिक आकलन में 5 से 50 फीसदी नुकसान का दावा किया जा रहा है। जबकि मैदानी हालात बहुत ज्यादा खराब हैं। कई गांवों में पूरी की पूरी फसल तबाह हो गई। खासतौर पर धनिया की फसल पूरी तरह आड़ी हो गई। इसी तरह सरसों को भी भारी नुकसान हुआ है। जिन खेतों में पानी भर गया, वहां गेहूं की फसल भी पीली पड़ने की आशंका है। गुरुवार को दिन का तापमान 18 डिग्री पर आ गया। बुधवार के मुकाबले तापमान में 8 डिग्री की गिरावट आई। वहीं रात का तापमान 2 डिग्री बढ़कर 14 पर पहुंच गया। शहर में इस दौरान 11 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। जबकि 50 मिमी बारिश कुंभराज में हुई।

कुंभराज और चांचौड़ा में ही क्यों गिरे ओले... राजस्थान के ऊपर बने चक्रवाती हवा के घेरे से बदला मौसम, ये क्षेत्र इस प्रदेश की सीमा से लगे हैं इसलिए यहां पर ज्यादा नुकसान हुआ

आगे क्या: तेज होगा बारिश का दौर पश्चिमी विक्षोभ अफगानिस्तान के ऊपर ट्रफ लाइन के रूप में सक्रिय था। 24 घंटे में यह जम्मू कश्मीर पहुंच जाएगा। पश्चिमी विक्षोभ के असर से दक्षिण पश्चिमी राजस्थान में चक्रवातीय घेरा विकसित हो गया है। जैसे ही पश्चिमी विक्षोभ जम्मू कश्मीर पहुंचेगा, वैसे ही राजस्थान का चक्रवातीय घेरा काफी मजबूत हो जाएगा। कोहरे के साथ ठंड रह सकती है। शीतलहर के भी आसार रहेंगे। 8 जनवरी तक ग्वालियर सहित पूरे अंचल में झमाझम बारिश के साथ-साथ ओलावृष्टि के आसार हैं।

गरज-चमक वाले बादल बनने से गिरे ओले
मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार ठंडों और गर्मियों में गरज-चमक वाले बादलों के बनने से बारिश होती है लेकिन ओले तभी बनते हैं जब आसमान में तापमान शून्य से कई डिग्री नीचे चला जाता है। यह हालात तभी बनते हैं जब बादल काफी ऊंचाई पर बनें जहां तापमान बहुत कम रहता है। वहां नमी की बूंदें बर्फ में तब्दील हो होती हैं और आपस में मिलकर बड़े ओले का रूप ले लेती हैं।

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