परीक्षा का सरलीकरण:कोरोना में प्रभावित हुई पढ़ाई के कारण बदला परीक्षा पैटर्न प्रोजेक्ट के लिए 20 अंक

अशोकनगर2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
परीक्षा देते हुए बच्चे और निरीक्षण करते हुए अधिकारी। - Dainik Bhaskar
परीक्षा देते हुए बच्चे और निरीक्षण करते हुए अधिकारी।
  • अब 80 पूर्णांक का होगा प्रश्न पत्र, 40 नंबर के ऑब्जेक्टिव

कोरोना के बाद भले ही स्कूल खुल गए हो, लेकिन पढ़ाई प्रभावित होने के कारण इस बार शिक्षा मंडल को परीक्षा का पैटर्न बदलना पड़ा। सिलेबस कम करने के कारण 100 के बजाय इस बार 80 नंबरांे का ही प्रश्न पत्र जारी होगा। बच्चांे की सुविधा को ध्यान मंे रखते हुए कुल पूर्णांक के 50 प्रतिशत यानी 40 अंकों के ऑब्जेक्टिव प्रश्न पूछे जाएंगे। यानी इनका उत्तर देने के लिए बच्चों को लिखने की मशक्कत करने की जरूरत नहीं रहेगी। दिए गए विकल्प मंे से सही गलत को टीक करने पर ही 40 अंक मिल जाएंगे। वहीं 20 नंबर प्रोजेक्ट वर्क के लिए तय कर दिए गए है। शेष बचे सिर्फ 20 नंबरांे के लिए ही विद्यार्थियांे को उत्तर रखना पड़ेगा।

पैटर्न में बदलाव हुआ है
कोरोना के चलते स्कूली बच्चों की परीक्षा के पेटर्न मंे बदलाव हुआ है। सिलेबस घटाने से पूर्णांक भी 100 के बजाय 80 रहेगी। वहीं 40 नंबर के ओब्जेक्टिव प्रश्न पत्र पूछे जाएंगे।
- नीरज शुक्ला, डीईओ अशोकनगर
बदलाव... अर्द्ध वार्षिक परीक्षा से ही शुरू हुआ पैटर्न

बदला हुआ परीक्षा पेटर्न अर्द्ध वार्षिक परीक्षा से ही लागू कर दिया गया है। ताकि मुख्य परीक्षा से पहले तक बच्चे नए पैटर्न को समझ सके।

संभावित प्रश्नांे की तैयारी भी
दो साल से प्रभावित हुई पढ़ाई और सीधे बोर्ड परीक्षा मंे बैठने वाले बच्चों को लेकर शिक्षा विभाग ने मशक्कत शुरू कर दी है। यानी मीडिल स्कूल की परीक्षा देने के बाद सीधे बोर्ड की 10वी में बैठने वाले बच्चांे को पहले हाई स्कूल स्तर का ज्ञान देने के लिए रेमेडियल क्लास लगाई जा रही है। परीक्षा की तैयारी के लिए भी उन्हें पहले से ही संभावित प्रश्नों की तैयारी कराई जाएगी।

खबरें और भी हैं...