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फर्जीवाड़ा:पोर्टल में 272 क्विं. गेहूं की फर्जी खरीदी झूठे परिवहन का 5.37 लाख का भुगतान

अशोकनगरएक महीने पहले
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  • 17 जून को भास्कर ने उठाया था मुद्दा, 12 पेज की रिपोर्ट में खुलासा

समर्थन मूल्य की खरीदी में फर्जीवाड़े का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। फर्जी किसान के नाम संस्था प्रबंधक ने फर्जी तरीके से ही 272 क्विंटल गेहूं खरीदी की पोर्टल पर ऑनलाइन एंट्री कर दी। ऑनलाइन ही गेहूं का परिवहन करना बताते हुए किसान के खाते में ईपीओ साइन करते हुए उसके खाते में 5 लाख 37 हजार रुपए जमा करा दिए। खाते में रुपए जमा होने के बाद सौदेबाजी बिगड़ी तो फर्जीवाड़ा उजागर हो गया।

मामला मुंगावली तहसील के खरीदी केंद्र सेवा सहकारी समिति नादनखेड़ी का है। यहां ग्राम अमनचार निवासी राजधरसिंह यादव की पत्नी फुला बाई के नाम से 3 मई को 272 क्विंटल गेहूं बेचने की संस्था के ऑपरेटर व प्रबंधक ने मिलकर ऑनलाइन पोर्टल पर एंट्री कर दी। गेहूं का परिवहन भी ऑनलाइन पोर्टल पर दर्शाते हुए 10 मई को फुलाबाई के खाते में संस्था प्रबंधक जगदीश काेरकू ने 5 लाख 37 हजार 200 रुपए जमा भी करा दिए। इसके बाद 18 मई को संस्था प्रबंधक जगदीश काेरकू ने गलत एंट्री हो जाने का हवाला देते हुए फूलाबाई के खाते को होल्ड करा दिया। उक्त किसान द्वारा गेहूं नहीं बेचे जाने की जानकारी देते हुए प्रबंधक ने उक्त राशि खाते से वापस करवा ली। इसके लेकर फूलाबाई के पति राजधर ने कलेक्टोरेट व सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत कर दी।

12 पेज की जांच में हुआ खुलासा: किसान के खाते में आई राशि वापस संस्था प्रबंधक द्वारा ले लेने संबंधी शिकायत के मामले में कलेक्टर अभय वर्मा ने उप आयुक्त सहकारिता के उप अंकेक्षक अभिषेक जैन को जांच के निर्देश दिए। जैन ने जांच की तो गेहूं की फर्जी खरीदी होने की पुष्टि हो गई। 12 पेज के जांच रिपोर्ट में किसान से लेकर समिति प्रबंधक, कम्प्यूटर ऑपरेटर सुनियोजित तरीके से राशि हड़पने की मंशा सामने आई है।

किसान और प्रबंधक दोनों के खिलाफ एफआईआर होगी

ऐसे सामने आया मामला
पंजीकृत किसान फूलाबाई के पति राजधर ने उक्त मामले में समिति प्रबंधक जगदीश कोरकू पर खाते में आई राशि होल्ड कराकर वापस करवा लेने के मामले में शिकायत की। सीएम हेल्प लाइन पर भी इसकी शिकायत कर दी। ऐसे में अधिकारियों ने जांच शुरू की। केंद्र पर मौजूद कर्मचारियों के बयान सहित वहां मिले रिकार्ड के मुताबिक खरीदी फर्जी निकली।

खरीदी में भास्कर ने उठाया था मुद्दा
खरीदी के मामले में किसान की शिकायत के बाद भास्कर ने इस मुद्दे को उठाया था। 17 जून के अंक में प्रमुखता से खबर प्रकाशित हुई। इसके बाद प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया और टीएल बैठक में ही कलेक्टर अभय वर्मा ने इसकी जांच सौंप दी।

किसान की यह गड़बड़ी
किसान राजधर की पत्नी फूलाबाई ने 40 बीघा जमीन खुद की दर्शाते हुए किसान पंजीयन कराया। लेकिन उनके नाम से जमीन नहीं है। बाद में उन्होंने उनके समधी रामचरण की जमीन पर बटाई होने की बात कही। लेकिन बटाईदार किसान 25 बीघा से ज्यादा का पंजीयन नहीं करा सकता। पंजीयन कराते हुए जमीन खुद की दर्शा देने के कारण राजस्व विभाग भी सत्यापन करने से चूक गया।

एफआईआर के आदेश दिए

  • सिर्फ पोर्टल पर ही फर्जी तरीके से गेहूं की खरीदी बताकर समिति प्रबंधक, ऑपरेटर और किसान ने मिलकर शासन को रुपयों का नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया है। सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश जारी कर दिए हैं। - अभय वर्मा, कलेक्टर अशोकनगर
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