बाल विवाह के खिलाफ पुलिस और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई:9 साल की भांजी, 17 साल की बेटी का करा रहे थे विवाह, दोनों के रुकवाए

राजगढ़एक महीने पहले
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भोजपुर थाने के गांव पीपल्दी में रविवार को एक 9 साल की भांजी व 17 साल की बेटी का परिजन विवाह करा रहे थे। पूरी तैयारियों के साथ बच्चियों को हल्दी लगाकर रस्में पूरी की जा रही थी कि किसी ने चाइल्ड लाइन काे इसकी सूचना दे दी। चाइल्ड लाइन ने भोजपुर थाने के टीआई अवधेशसिंह सेंगर को जानकारी देकर बाल विवाह रुकवाने की कार्ययोजना बनाई। रविवार सुबह साढ़े 11 बजे मिली सूचना के बाद महिला बाल विकास, पुलिस व चाइल्ड लाइन ने संयुक्त टीम बनाई और डेढ़ बजे गांव में जाकर समझाइश देकर बाल विवाह रुकवाया। इस काम में गांव के सरपंच देवीसिंह सोंधिया ने भी प्रशासन की मदद की और पंचनामा बनाकर विवाह रुकवाने की परिजनों से घोषणा के हस्ताक्षर करवाए।

साल भर बाद करेंगे बेटी की शादी, भांजी को पढ़ाएंगे

थाना प्रभारी तोमर ने बताया कि परिजनों की काउंसिलिंग के बाद परिजनों ने संकल्प लिया कि भांजी की शादी 18 वर्ष की उम्र होने के बाद कराएंगे, उसे पढ़ाएंगे। वहीं बेटी की अगले साल बालिग होने पर शादी करेंगे। इस बात के लिए मौके पर पंचनामा भी बनाया गया।

गांव के परिवेश में अब भी बाल विवाह की कुरीति

सोंधिया समाज बहुल पीपल्दी गांव में 250 से ज्यादा परिवार निवासरत हैं। देहात व ग्रामीण क्षेत्र में बाल विवाह की परंपराएं आज भी हावी है, गांव में प्राथमिक स्कूल हैं। यहां के रहवासी बेटियों को प्राथमिक स्तर की पढ़ाई के बाद बाल सगाई कर देते हैं।

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