पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

धर्मसभा:शहर में मुनिसंघ के सानिध्य में जल्द स्थापित किया जाएगा आचार्य श्री का कीर्ति स्तंभ

अशोकनगर10 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

शहर में चल रहे वर्षायोग में चातुर्मास कर रहे मुनिसंघ के सानिध्य में संत सुधासागर भवन में धर्मसभा का आयोजन रोजाना किया जाता है। मंगलवार को धर्मसभा में भोपाल के पूर्व महापौर और मुंगावली विधानसभा प्रभारी आलोक शर्मा पहुंचे। उन्होंने कहा कि शहर में जल्द ही मुनिसंघ के सानिध्य में भव्य कीर्ति स्तंभ को स्थापित किया जाएगा। पूर्व महापौर आलोक शर्मा ने कहा कि भोपाल में महापौर रहते आचार्य री विद्यासागर जी महाराज के कीर्ति स्तंभ बनवाया गया था। मुझे पार्टी ने उपचुनाव प्रभारी बनाया है। मैने सुना है कि यहां आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के कीर्ति स्तंभ का निर्माण नहीं हुआ है और किसी बजह से यह निर्माण नहीं हो सकता है। क्योंकि यह सौभाग्य मुझे ही मिलना था। इसलिए अब जल्द ही पंच मुनिराजों के सानिध्य में कीर्ति स्तंभ लगाया जाएगा।  उन्होंने कहा आज लोग धर्म से दूर हो रहा हैं। इससे आज लोग परेशान हैं पूर्व महापौर आलोक शर्मा का जैन पंचायत द्रारा शाल श्रीफल और तिलक लगाकर सम्मान किया गया।

पापी से नहीं पाप से घृणा करना चाहिए : मुनि प्रसाद सागर
आज के लोग महापुरुषों को भूल गए हैं। महापुरुषों में कितनी दया और करूणा हुआ करती है आज वह देखने को नही मिलती है और व्यक्ति भटकता जा रहा है उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि एक बच्चा डॉक्टर के पास भागते हुए पहुंचता है और कहता है कि मेरे साथ चलो बहुत तकलीफ में है आप चल कर देख लो। डॉक्टर सोचता है कि इसके कोई परिवार का बीमार होगा चलो देख लेते हैं। जब डॉक्टर पहुंचता है तो बच्चा एक घायल कुत्ते को देखने के लिए कहता है और बोलता है कि यह कब से दर्द में चिल्ला रहा है। डॉक्टर कहते हैं कि मैं इंसानों का डॉक्टर हूं  न कि जानवर का। तो बच्चा कहता है कि इसमें भी आत्मा बस्ती है ये भी एक जीव है। उस बच्चे की बात सुनकर डॉक्टर का मन करुणा मय हो जाता है और वह उस कुत्ते का इलाज करता है। इसी तरह हमें भी करुणा धारण करना चाहिए। आचार्य श्री कहते है पापी से घृणा नहीं करनी चाहिए पाप से करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि एक बार आचार्य श्री विहार करते हुए जा रहे थे। रास्ता खराब होने की वजह से पैर में छाले आ गए थे और वह ठीक से चल नहीं पा रहे थे। तब साथ में चल रहे श्रावक ने कहा कि आचार्य श्री के समोशरण की जय। तब आचार्य श्री ने कहा कि हमारा कहां समोशरण है समोशरण में तो हर दर्द तकलीफ दूर हो जाती है। मगर आचार्य श्री को देखकर उस श्रावक की करुणा जाग गई। इसलिए हम सबको अपने अंदर करुणा लानी चाहिए।

खबरें और भी हैं...

    आज का राशिफल

    मेष
    Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
    मेष|Aries

    पॉजिटिव- आज घर के कार्यों को सुव्यवस्थित करने में व्यस्तता बनी रहेगी। परिवार जनों के साथ आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने संबंधी योजनाएं भी बनेंगे। कोई पुश्तैनी जमीन-जायदाद संबंधी कार्य आपसी सहमति द्वारा ...

    और पढ़ें