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चिंता:पंद्रह दिन से क्षेत्र में नहीं हुई जोरदार बारिश पानी की कमी के कारण सूखने लगीं फसलें

अशोकनगरएक महीने पहले
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  • पानी नहीं मिलने से धान, सोयाबीन और उड़द फसल मुरझाने लगी है

क्षेत्र में पिछले करीब 15 दिन से बारिश नहीं हुई है। बारिश नहीं होने से किसानों की खेतों में खड़ी फसलें सूखने लगी हैं। इससे किसानों को भारी नुकसान होने की आशंका है। पहले ही कई किसानों की फसलें नहीं उगने के कारण उन्हें दूसरी बार बोवनी करना पड़ी थी। वहीं अब बारिश नहीं होने से किसानों पर दोहरी मार पड़ेगी। फसल की बोवनी के बाद फसलों में खरपतवार भी उगने लगे हैं। उन्हें नष्ट करने के लिए बोवनी के 20-25 दिन बाद खरपतवार नाशक दवा का छिड़काव करना जरूरी होता है। खरपतवार दवा बारिश होने के बाद भी डाली जाती है। बारिश नहीं होने से किसान अपने खेतों में खरपतवार नाशक दवा का छिड़काव नहीं कर पा रहे हैं। इससे खरपतवार में कड़क पन आ रहा है। दवा छिड़कने के बाद भी खरपतवार नष्ट नहीं होगा। इससे किसान परेशान हैं। किसान बारिश के लिए अब भगवान की शरण में जाने लगा है। मंदिरों में जगह-जगह पूज पाठ हो रहे रहे हैं। क्षेत्र में 82 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में बोवनी हो चुकी है।

3-4 दिन बारिश होना जरूरी
किसानों को बोवनी किए लगभग 17 से 20 दिन हो गए हैं। यही समय खेतों में खरपतवार नाशक दवा के छिड़काव का रहता है। अगर समय पर बारिश नहीं होती है तो खेतों में उग रहे कचरे में कड़कपन आ जाएगा। और उसमें गांठें पड़ने लगेगी। इससे यह कचरा काफी मजबूत हो पाएगा। इससे इस पर दवा का कम असर पड़ेगा। दवा के छिड़काव से यह नष्ट नहीं हो पाएगा। सोयाबीन की फसल तो कुछ दिन सहन कर सकती है लेकिन उड़द की फसल नाजुक होती है। यदि 3-4 दिन बारिश नहीं होती है तो उड़द की फसल को भारी नुकसान हो जाएगा।

धान के खेत भी सूखने लगे
क्षेत्र में इस बार 3300 हेक्टेयर में धान की बोवनी हुई है। किसानों ने अपने खेतों में धान की पौध लगा दी है। धान के खेतों में हमेशा पानी भरा रहना चाहिए। बारिश नहीं होने से धान के खेतों में पानी सूख गया है। यदि दो-चार दिन बारिश नहीं होती है तो इससे धान की फसल को भारी नुकसान होगा। इस बार लॉकडाउन के कारण धान की लगवाई भी महंगी पड़ रही है। इससे धान की लागत अधिक आ रही है। यदि बारिश नहीं होती तो किसानों को भारी नुकसान होगा। बारिश नहीं होने से क्षेत्र में उमस भरी गर्मी पड़ रही है। इससे बच्चे बूढ़े सभी परेशान है। हवा के नहीं चलने लोगों को भारी परेशानी हो रही है।

किसान नहीं कर पा रहे दवा का छिड़काव
किसानों ने बताया कि बारिश नहीं होने से उन्हें भारी चिंता है। बारिश नहीं होने के कारण किसान चिंतित हैं। पानी नहीं बरसने के कारण वह खेतों में खरपतवार नाशक दवा का छिड़काव नहीं कर पा रहे हैं। इससे खेतों में उगे कचरे में कड़कपन आ रहा है। यदि जल्दी बारिश नहीं हुई तो यह कचरा फसल को नुकसान करेगा। वहीं बारिश होने के बाद खरपतवार नाशक दवा के छिड़काव से भी नष्ट नहीं होगा किसानों ने बताया कि उड़द की फसल का पौधा कमजोर होता है। बारिश नहीं होने से उड़द की फसल को भारी नुकसान होगा। इससे फसलों में वृद्धि भी नहीं हो पाएगी।

मंदिरों में होने लगे पूजन
क्षेत्र में बारिश नहीं होने के कारण लोग भगवान की शरण में जाने लगे हैं। मंदिरों में जगह-जगह पूजन पाठ किए जा रहे हैं। लोग पूजन पाठ के बाद भगवान से क्षेत्र में अच्छी बारिश और सुख समृद्धि की प्रार्थना कर रहे हैं।

किसान डोरा और कुलपा चलाकर निदाई गुडाई करें, कम होगा नुकसान
वर्तमान में खेतों में बतर होने से किसान डोरा, कुलपा चलाकर निदाई गुड़ाई कर कचरे को मार सकते हैं। इससे फसलों को नुकसान नहीं होगा।

एसबी बादल, वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी, मुंगावली

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