पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

चिंताजनक विषय:कोरोना काल में मोबाइल और कम्प्यूटर ज्यादा चलाने से सूखने लगा बच्चों की आंखों का पानी, बढ़ रहे केस

अशोकनगर24 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • 300 से 400 बच्चों ने कराई आंखों की जांच, रोज पहुंच रहे 4 से 5 मरीज

5 से 6 घंटे की ऑनलाइन क्लास, लगातार मोबाइल या कम्प्यूटर पर काम और आंखों को आराम न देना। नतीजा आंखों की आंसू की परत सूख रही है। लॉकडाउन के बाद मोबाइल और अब स्कूल स्कूल क्लास भी कम्प्यूटर, मोबाइल पर होने की वजह से पहले की तुलना में 2 गुना से ज्यादा ऐसे केस बढ़ गए हैं। लॉकडाउन से अब तक जिला अस्पताल में 300 से 400 बच्चे अस्पताल में ऐसे आ चुके हैं। स्पेशलिस्ट का तर्क है मोबाइल, कम्प्यूटर चलाने के 40 मिनट के बाद 2 मिनट का ब्रेक जरुर लेना चाहिए।

नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप भल्ला ने बताया कि लगातार मोबाइल, कम्प्यूटर चलाने से आंख की आंसू की परत सूख जाती है। आंखों में थकान होने लगती है। नजदीक का लगातार देखने से चश्मे लगने की संभावना बढ़ जाती है। वैसे नॉर्मल बात करते हैं तो पलक एक मिनट में 16 से 18 बार झपकती है लेकिन मोबाइल या कम्प्यूटर चलाते समय पलक झपकना कम हो जाता है। आंख का आंसू सूखने लगता है। खुजली की शिकायत होती है।

अस्पताल में मंगाई 10 हजार दवाएं
ड्राई आई सिंड्रोम से बचाव के लिए जिला अस्पताल में दवाएं उपलब्ध हैं। इसके लिए 10 हजार दवाएं जिला अस्पताल में हैं, जो भी मरीज अस्पताल में आ रहे हैं उनको नि:शुल्क दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

क्या करना सही होगा?
हर 40 मिनट में आंखों को आराम दें। 10 सैकेंड दूर तक देखें। लगातार काम करते हैं तो आंखों में डॉक्टर्स की सलाह अनुसार ड्राप डालें। सिरदर्द है तो चश्मे का नंबर जांच जरूर कराएं। पुराने कम्प्यूटर यूबी रेडिएशन देते हैं, जिससे कैंसर का अधिक खतरा होता है। एलसीडी और पीपीपी पर काम करें। कोशिश करें कि छोटे बच्चों को मोबाइल या कम्प्यूटर पर अधिक देर तक ना देखना पड़े।

खबरें और भी हैं...