परेशानी / बीज अंकुरित न होने से सैकड़ों किसानों को करना पड़ रही सोयाबीन की दोबारा बोवनी

Hundreds of farmers have to sow soybeans again due to seeds not sprouting
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Hundreds of farmers have to sow soybeans again due to seeds not sprouting

  • हर गांव के करीब 15 से 20 किसानों की फसल का नहीं हुआ अंकुरण

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 04:00 AM IST

अशोकनगर. अच्छी बारिश होने के कारण क्षेत्र में अभी तक 50 प्रतिशत से अधिक बोवनी हो चुकी है। शेष किसान भी अपने खेतों में जल्द बोवनी कर देंगे। इस बार क्षेत्र के किसानों को घटिया बीज के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बीज की कमी से किसानों को इस बार बीज निगम से सर्टिफाइड बीज नहीं मिल सका। इस कारण किसानों ने बाजार से और गांव में किसानों से बीज खरीदकर सोयाबीन की बोवनी की।
सेहराई क्षेत्र में सोयाबीन और उड़द की बोवनी लगभग पूरी हो गई है। इस बार क्षेत्र में सैकड़ों की फसल अंकुरित नहीं हुई है। इससे किसानों को फसल की दोबारा से बोवनी करना पड़ रहा है। इससे उन्हें लाखों रुपए का नुकसान होने की आशंका है। सेहराई क्षेत्र के किसान कैलाशचंद सिंघई, सीताराम साहू, मदन शर्मा, देवरछी के चंद्राज यादव ने बताया कि हमने अपने अपने खेतों में 4 से 5 हजार रुपए क्विंटल के भाव से बीज खरीदकर फसल की बोवनी की थी लेकिन खेतों में सोयाबीन के बीज का अंकुरण नहीं हुआ। इससे किसानों को लाखों रुपए का नुकसान हो गया। चंद्राज यादव ने बताया कि वह सोयाबीन की बोवनी करके घर आए और जोरदार बारिश हो गई। अधिक बारिश होने से जमीन में पट्‌ठा पड़ गया। इससे सोयाबीन अंकुरित नहीं हो पाया। उन्होंने बताया कि हमने 5000 रुपए क्विंटल का सोयाबीन खरीदा था साथ ही डीजल का खर्चा और खाद भी मिलाई थी। फसल के अंकुरण नहीं होने से उन्हें हजारों रुपए का नुकसान हुआ। इसी प्रकार क्षेत्र के पठारी, खिरिया, अर्रोन, भीलरी, चिरोली, कारातला, ढिमचोली, पारकना आदि गांव के दर्जनों किसानों की सोयाबीन की फसल नहीं उगी। इससे कुछ किसानों ने सोयाबीन दोबारा से बोया व कुछ किसानों ने उड़द की फसल बोई है।

उड़द फसल की लागत कम होने से की उड़द की बोवनी
किसान रमेश चंद्र शर्मा, सीताराम साहू आदि ने बताया कि उड़द की फसल की लागत कम आती है। एक बीघा में उड़द का बीज 5 किलो लगता है। जबकि सोयाबीन का बीज 25 से 30 किलो बीघा लगता है। इससे कई किसानों ने आर्थिक तंगी के कारण सोयाबीन की फसल अंकुरित नहीं होने के बाद उड़द की फसल बोई है। क्षेत्र के प्रत्येक गांव में 10 से 20 किसानों की सोयाबीन की फसल नहीं उगी है। ऐसे में इन किसानों को अपनी फसल की दोबारा से बोवनी करना पड़ रही है। वहीं कई किसानों ने उड़द की बोवनी की है। वहीं कुछ किसान अभी अच्छी किस्म का बीज तलाश रहे हैं। विगत तीन दिन से क्षेत्र में तेज धूप निकल रही है। इससे सोयाबीन की फसल को नुकसान होने की संभावना है। अगर पांच-6 दिन बारिश नहीं होती है तो फसल को नुकसान होने की संभावना है। किसानों ने प्रशासनिक अधिकारियों से फसल का सर्वे कराने की मांग की है।
18 बीघा जमीन में डाला 5 क्विंटल बीज
अशोकनगर तहसील के डंगोरा फूट गांव के किसान राजू रघुवंशी ने बताया कि उन्होंने अपनी 18 बीघा जमीन में आरबीएस 2034 किस्म का 5 क्विंटल सोयाबीन का बीज लगाया था। बीज की बुवाई करने के तुरंद बाद बारिश हो गई थी। इससे जमीन में पफ्टा पड़ गया। इससे उनकी फसल अंकुरित नहीं हुई। इससे उन्हें 30 हजार रुपए का नुकसान हो गया है। अब उन्हें दोबारा से अपनी फसल की बोवनी करना पड़ेगी। इसी प्रकार क्षेत्र के कई किसानों की फसल अंकुरित नहीं होने से उन्हें भारी नुकसान हुआ है।

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