गलत तरीके से चार्जर लगाने में गई जान:बगैर प्लग के तार फंसे थे, उसी सॉकेट में मोबाइल चार्जर लगाने लगी तो चिपक गई उंगली; करंट से मौत

अशोकनगर2 महीने पहले
घर पर मोबाइल चार्ज करते समय करंट लगा था।

अशोकनगर में एक छोटी सी गलती ने 17 साल की लड़की की जान ले ली। लड़की का हाथ मोबाइल चार्जर लगाते समय बोर्ड के सॉकेट में पहले से लगे एक अन्य खुले तार से टच हो गया। करंट लगते ही लड़की को बिजली के झटके लगने लगे और वह चिपक गई। भाई ने देखा तो डंडे से पहले तार को अलग किया, इसके बाद शोर मचा कर परिजन को बुलाया। करंट लगने से नाबालिग की उंगली में जख्म हो गया था। लड़की को अस्पताल ले जाया गया लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं पाए।

शंकर कॉलोनी निवासी जगन्नाथ की बेटी शिवानी बुधवार को घर पर मोबाइल फोन चार्ज करने जा रही थी। जिस बोर्ड में वह चार्जिंग के लिए चार्जर लगा रही थी। उसी बोर्ड के दूसरे सॉकिट में बिना प्लग वाला तार लगा था।

करंट लगने से किशोरी की उंगली पर घाव हो गया था।
करंट लगने से किशोरी की उंगली पर घाव हो गया था।

घर में कोई नहीं था
शिवानी के माता-पिता सोयाबीन काटने खेत पर गए थे। बड़ा भाई इंदौर गया था। एक छोटा भाई मोहल्ले में ही खेल रहा था। शाम करीब 4 बजे छोटा भाई घर आया तो बहन को तार से चिपका देखा। उसने तत्काल डंडे से तार को हटाया और पड़ोसियों को बुलाया। इसी दौरान सामान लेने बाजार गई बड़ी बहन भी घर लौटी। इसके बाद माता-पिता को सूचना दी गई।

प्लग में फंसे इन्हीं तारों से टच हुआ था किशोरी का हाथ। आमतौर पर कई लोग इसी तरह से सॉकेट में वायर फंसा देते हैं।
प्लग में फंसे इन्हीं तारों से टच हुआ था किशोरी का हाथ। आमतौर पर कई लोग इसी तरह से सॉकेट में वायर फंसा देते हैं।

नवोदय विद्यालय की छात्रा थी
शिवानी की बड़ी बहन लक्ष्मी ने बताया कि शिवानी सफाई कर रही थी। शिवानी के पास ही एक चार्जर भी पड़ा हुआ था। संभवत: सफाई करते समय उसने दीवार में लगे बोर्ड में चार्जर फंसाया होगा। बोर्ड से दो अन्य तार भी लगे थे। बोर्ड में पहले से लगे एक तार से शिवानी की उंगली टच हो गई थी। उसने बताया कि शिवानी ग्वालियर के नवोदय विद्यालय में 8वीं क्लास में पढ़ती थी। कोरोना के कारण स्कूल बंद होने से वह अपने घर आई थी। कुछ दिन बाद वह फिर से स्कूल जाने वाली थी।

माता-पिता बोले - हम तो खेत पर सोयाबीन काटने गए थे।
माता-पिता बोले - हम तो खेत पर सोयाबीन काटने गए थे।
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