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तहसील कार्यालय बनाने काटे 200 से ज्यादा पेड़:गलती स्वीकारने की जगह पलाश के पेड़ों को झाड़ी बता रहे पीआईयू के इंजीनियर

अशोकनगर9 दिन पहले
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पेड़ों को नष्ट करती मशीन। - Dainik Bhaskar
पेड़ों को नष्ट करती मशीन।

तहसील कार्यालय बनाने के लिए निर्माण कंपनी ने करीब पांच हजार वर्गफीट में खड़े दो सौ से अधिक पलाश के पेड़ काट दिए। बीते 25 साला में यह पेड़ विकसित हुए थे। आठ दिन पहले जब तहसील कार्यालय निर्माण का प्रारंभिक चरण में शुरू हुआ तो ठेकेदार ने मशीन से सभी पेड़ों को तहस-नहस कर दिया गया।

खास बात है कि जहां पेड़ों को नष्ट किया गया, वहां से वन चौकी महज 100 मीटर दूर है और यह पेड़ भी वनभूमि के ठीक पास में थे लेकिन राजस्व की भूमि में होने के कारण वन विभाग कुछ नहीं कर पाया। इस संबंध में जब पीआईयू के इंजीनियर अनिल पटेल से बात की गई तो उनका कहना था कि वहां पेड़ नहीं बल्कि झाड़ियां थी। जबकि मौके पर पलाश के पेड़ खड़े हुए थे। जो कि जलाऊ लकड़ी के तौर पर काम में आते हैं।

खोपरा में बन रहा कार्यालय : दो वर्ष पहले स्वीकृत हुई नवीन तहसील के लिए कस्बे से महज पांच सौ मीटर दूर खोपरा गांव में तहसील कार्यालय बनने जा रहा है। राजस्व विभाग द्वारा सर्वे नंबर 6/188 को चिह्नांकित किया गया है। इसका रकबा करीब 30 हेक्टेयर है। करीब आठ दिन पहले निर्माण एजेंसी पीआईयू के जरिए निर्माण कंपनी ने यहां काम शुरू कर दिया है।

वन भूमि में लगे थे पेड़
वन विभाग के उपमंडलाधिकारी लक्ष्मण मीणा का कहना था कि पेड़ राजस्व भूमि की सीमा में थे, इसलिए हम कुछ नहीं कर सकते।
बिना पेड़ काटे भूमि समतल नहीं हो सकती
तहसीलदार सोनू गुप्ता का कहना था कि पेड़ काटे बगैर भूमि समतल नहीं हो सकती। भवन बनने के बाद वहां पौधरोपण किया जाएगा।

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