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मसाला उद्योग से आत्मनिर्भर होंगी महिलाएं:मसाला उद्योग के लिए 100 से ज्यादा महिलाओं का चयन, दिया प्रशिक्षण

अशोकनगरएक महीने पहले
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  • कोरोना महामारी के कारोबारों पर पड़ा है प्रभाव, मिलेगी राहत

कोरोना महामारी के दौरान रोजगार पूरी तरह प्रभावित हुए हैं ऐसे में लोगों के जमे जमाए कारोबार भी प्रभावित हुए हैं, लेकिन अब महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाए जाने की ओर प्रयास किया जा रहा है जिसके तहत जिले में मसाला उद्योग शुरु किया जाएगा जिसके लिए बाकायदा 100 से ज्यादा महिलाओं को चुना गया है।

जिनको नाबार्ड मशीनें उपलब्ध कराएगा, 3 महीने बाद ये उद्योग शुरु होते ही महिलाएं आत्मनिर्भर हो पाएंगी। स्व सहायता समूह की महिलाएं छोटी-छोटी राशि बचत कर मसाला उद्योग चलाएंगी और मुनाफा भी उनको मिलेगा। ये उद्योग नरसूखेड़ी में स्थापित किया जाएगा।

ईसागढ़ के नरसूखेड़ी में डाले जा रहे मसाला उद्योग के लिए 100 से ज्यादा महिलाओं का चयन किया गया है।

ग्राम संगठन बांटेगा मसाला
मसाला तैयार करने के लिए कच्चा माल उद्योग चलाने वाली महिलाओं का ही होगा, जो मसाला महिलाएं तैयार करेंगी उसे ग्राम संगठन को सौंपा जाएगा जो 350 स्व सहायता समूह के परिवारों तक इसे पहुंचाएंगी। नाबार्ड से भी अनुदान मिलेगा।

जिसमें स्व सहायता समूह की महिलाएं शामिल होंगी। ये पहला अवसर होगा जब 100 से ज्यादा महिलाएं एक साथ ही एक ही काम को करेंगी। उद्योग के लिए बाकायदा नाबार्ड ने 10 दिन की ट्रेनिंग महिलाओं को दी है अब जरूरत है तो बस नाबार्ड द्वारा भेजी जाने वाली 3 मशीनों की जिनके आते ही उद्योग की शुरुआत होगी।

तीन महीने का लगेगा समय
ग्रामीण आजीविका मिशन के डीपीएम मुकेश शिंदे ने बताया कि नरसूखेड़ी में नाबार्ड ने मसाला उद्योग के लिए स्व सहायता समूह की महिलाओं को प्रशिक्षण दिया। उनकी 10 दिन की ट्रेनिंग हुई थी। गतिविधि आधारित संकुल होगा जिसमें एक ही काम को 100 से ज्यादा महिलाएं करेंगी। हालांकि इस उद्योग के शुरू होने में 2 से 3 माह का समय लगेगा।

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