समस्या / तकनीकी खामी से अंडरपास में भर रहा पानी डेढ़ दर्जन से अधिक गांव के लोग हैं परेशान

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दैनिक भास्कर

Jun 30, 2020, 04:00 AM IST

अशोकनगर. भास्कर संवाददाता | शाढ़ौरा 
रेलवे के अधिकारियों की लापरवाही के कारण कोटा-बीना रेलखंड पर बनाए गए अंडरपास लोगों की परेशानी का कारण बन रहा है। अंडरपास बनाते समय ड्रेनेज का सही ध्यान नहीं रखने के कारण अंडरपास में बारिश के समय पानी भर जाता है। इससे क्षेत्र के दर्जनों गांव के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। 
कोटा-बीना रेलवे लाइन पर शाढ़ौरा स्टेशन के पास ग्राम पहाड़ा के पास बना रेलवे अंडरब्रिज में बारिश का पानी भर जाने से आवागमन अवरुद्ध हो गया है। इससे पहाड़ा, मढ़ी नामदार, गता,  सिलावन सहित करीब डेढ़ दर्जन गांव प्रभावित हैं।  इन गांवों का गुना-अशोकनगर हाइवे से सीधा संपर्क टूट गया है। 
कोटा बीना रेलखंड के गेट क्रमांक 50 पर बने  फाटक को बंद कर  पिछले साल यह अंडरपास बनाया गया था। इसके निर्माण के दौरान ग्रामीणों ने  पानी भरने से वाहनों के आवागमन की परेशानियों को लेकर आपत्ति जताई थी। परन्तु निर्माण से जुड़े अधिकारियों सहित निर्माण एजेंसी ने पानी निकासी का भरोसा दिया था। परन्तु उसकी पोल पिछली बारिश में ही खुल गई थी। हालांकि तब डीजल इंजन पंप रखकर पानी निकाला गया था। लेकिन उसके बावजूद भी यहां समस्या बारिश के बाद तक बनी रही थी। इस बार इंजिन से पानी निकालने की व्यवस्था भी नहीं है । बारिश की शुरुआत से ही इसमें करीब 8-10 फिट पानी भर गया है। इसके कारण यहां से निकलने वाले पैदल यात्री व दोपहिया और चार पहिया तो दूर की बात ट्रेक्टर भी नहीं निकल पा रहे हैं। गौरतलब है अभी तो बारिश शुरू हुई है, उसमें यह हाल है तो आगे और बरसात के दिनों में क्या हाल होगा, यह सहज ही समझा जा सकता है।

जान जोखिम में डाल कर रहे पटरी पार 
अंडर ब्रिज में पानी भरा होने से लोग जान जोखिम में डाल कर रेल पटरी पार करने के लिए मजबूर हो रहे हैं।आज सुबह गांव के एक व्यक्ति की रेल पटरी पार करते समय मोटरसाइकिल पटरियों के बीच फंस गई उसी समय ट्रैक पर एक ट्रेन आ रही थी। खुश किस्मत रही कि पीछे कुछ लोग पैदल आ रहे थे। उन लोगों ने दौड़ कर फंसी हुई बाइक को निकलवाया अन्यथा बड़ा भारी हादसा हो सकता था। 

आवेदन के बाद भी नहीं हल हुई समस्या 
क्षेत्र के लोग पिछले साल से ही लगातार अंडर ब्रिज में पानी भरने की समस्या को लेकर मांग करते आ रहे हैं। लोगों ने ठेकेदार, विधायक, सांसद सहित प्रधानमंत्री कार्यालय तक आवेदन दिए थे परन्तु एक साल बाद भी इस समस्या का कोई समाधान नहीं निकला है। इस अनदेखी के चलते क्षेत्र के लोग आवाजाही में भारी परेशान हो रहे हैं। ग्रामीणों ने रेलवे के अधिकारियों से तत्काल ब्रिज में भरा पानी निकालने की व्यवस्था के साथ 4-5 किलोमीटर दूर तक नाली बनाकर पानी की निकासी किये जाने की मांग की है जिससे आवागमन सुचारू हो सके।

अन्य अंडर पास की भी यही स्थिति
क्षेत्र के चारोदा, नगऊखेड़ी और राजे बामोरी के पास बने अंडरपास की भी यही स्थिति है। इनमें भी पानी भरने के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। 

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