अतिवृष्टि से आफत:आधी रात तक बाढ़ में फंसे रहे 14 गांव के 539 लोग एनडीआरएफ टीम ने 3 गांव में रेस्क्यू कर बचाई जान

अशोकनगर2 महीने पहले
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बाढ़ के पानी में फंसने के बाद बर्री गांव में फंसे लोगों एवं छोटे-छोटे बच्चों को एनडीआरएफ टीम ने रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाला। - Dainik Bhaskar
बाढ़ के पानी में फंसने के बाद बर्री गांव में फंसे लोगों एवं छोटे-छोटे बच्चों को एनडीआरएफ टीम ने रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाला।
  • हाईवे सहित कई अन्य सड़कों को नुकसान, पानी भरने से फसलें हुई बर्बाद, प्रभारी मंत्री और विधायक ने लिया जायजा
  • बाढ़ व बारिश से 555 मकान टूटे, बाढ़ संभावित क्षेत्रों के 1523 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया
  • बाढ़ आपदा से बचाने के लिए पैरामिलिट्री फोर्स की एक टुकड़ी भी अशोकनगर पहुंची

अतिवृष्टि के कारण जिले के नदी नालों में आई बाढ़ ने शुक्रवार देररात तक तबाही मचा दी। आधी रात तक 14 गांव के 539 लोग बाढ़ में फंसे रहे। जिन्हें एनडीआरएफ, एसडीआरएफ सहित स्थानीय पुलिस सैनिकों की मदद से रेस्क्यू कर शनिवार सुबह तक बाहर निकाला। सुरक्षित निकाले गए सभी ग्रामीणों को अलग-अलग 10 स्थानों पर शिविर लगाकर रोका गया है।

इधर, आगामी दिनों में संभावित बाढ़ वाले इलाकों को चिन्हित करते हुए यहां के 1523 लोगों को प्रशासन ने अब पहले से ही सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया। ज्ञात रहे बाढ प्रभावित क्षेत्रों में बचाव एवं राहत कार्य में एनडीआरएफ के दो बचाव दल, एसडीआरएफ के 4 बचाव दल के साथ स्‍थानीय राजस्‍व, पुलिस, होमगार्ड जवानों को पूरी रात मशक्कत करना पड़ी। रेस्क्यू कर निकाले गए ग्रामीणों को सुरक्षित स्‍थान पर ले जाकर उन्‍हें राहत कैम्पों में ठहरा दिया है। इन राहत कैम्पों में भोजन, पानी एवं दवाईयों की व्यवस्थाएं कराई गई हैं। इस बीच पूरे समय कलेक्‍ट अभय वर्मा व एसपी रघुवंश सिंह भदौरिया बाढ प्रभावित क्षेत्रों में राहत व बचाव कार्य के लिए मानिटरिंग करते रहे।

कच्चे-पक्के 555 मकान टूटे : शुक्रवार को देर रात तक मचे नदी नालों के तांडव में 555 मकानों को तोड़ दिया। मकान टूट जाने के कारण कई लोग बेघर हो गए। उनके घरों में रखा अनाज व कपड़े भी बाढ़ में ही बह गए।

अशोकनगर पहुंची पैरामिलिट्री फोर्स

पिछले दो दिनों में बाढ़ के कारण बिगड़े हालातों को देखते हुए सरकार ने अब अशोकनगर जिले के लोगों की मदद के लिए पैरामिलिट्री फोर्स की टुकड़ी भी अशोकनगर भेज दी है। 100 जवानों की टुकड़ी शनिवार शाम को अशोकनगर पहुंच गई। इधर, बचाव कार्य के लिए हेलीकॉप्टर की अनुमति भी पहले से ले ली गई है।

नेशनल हाइवे की पुल टूटी, आवागमन बंद

लगातार बारिश के कारण जिले से होकर निकली कैथन नदी ने शुक्रवार देररात रौद्र रूप धारण कर लिया। बाढ़ के पानी से घाट बमुरिया के समीप नेशनल हाईवे पर बना पुल क्षतिग्रस्त हो गया। इधर, उकावली के पास गांव में लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए पानी की निकासी के लिए ग्रामीणों ने बचाव के लिए हाईवे के बीच खुदाई कर रास्ता बना डाला। इस कारण नेशनल हाईवे पर आवागमन थम गया।

बहादुरपुर इलाके में दूसरे दिन दोपहर तक बाढ़ के हालात

शुक्रवार देर रात से बारिश थम जाने के बावजूद बहादुरपुर क्षेत्र में शनिवार दोपहर तक बाढ़ के हालात रहे। स्थिति यह रही कि कई गांव के चारों तरफ पानी फैल गया। ग्रामीण बीच टापू में ही फंसे दिखाई दिए।

प्रभावित क्षेत्रों की फसलें उखड़ी

जिन इलाकों में नदी नाले उफान पर रहे वहां समीप के खेतों की फसलें ही उखड़ कर पानी में बह गई। डूब क्षेत्र के कई खेतों में पिछले 1 सप्ताह से पानी भरा होने के कारण इन खेतों की फसलें भी खराब हो गई।

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