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अनियमितता:करीला बायपास को सुदूर सड़क बताकर निकाले डेढ़ लाख रुपए, बेटे और बहुओं को बनाया मजदूर

बहादुरपुरएक महीने पहले
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  • ग्राम पंचायत बरखेड़ा जमाल में सरपंच सचिव ने मौके पर घास तक नहीं उखाड़ी

मुंगावली जनपद पंचायत की बरखेड़ा जमाल ग्राम पंचायत में मनरेगा के जरिए भ्रष्टाचार करने का मामला सामने आया है। यहां बंगला चैराहा-सिरोंज मार्ग तक नेशनल हाईवे से पहुंचने के लिए करीब आठ सौ मीटर का बाइपास मार्ग दो वर्ष पहले करीला मेले में वाहनों के सुचारु आगमन के लिए बनाया गया था। इस बाइपास मार्ग को सुदूर सड़क बताकर ग्राम पंचायत ने तीन साल में एक लाख सत्तावन हजार रुपए मनरेगा की मजदूरी के जरिए निकाल लिए हैं।

इस मार्ग पर खड़ी घास को भी साफ नहीं किया गया और पंचायत ने सड़क को पूर्ण बता दिया। खास बात है कि मनरेगा में जिन मजदूरों के नाम पर राशि का भुगतान किया गया उनमें सरपंच परिवार के बेटे-बहुओं के नाम भी शामिल हैं।

मनरेगा की आधिकारिक बेवसाइट पर दर्ज जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत में बंगला चौराहा ओंडेर मार्ग से बरखेड़ा जमाल की ओर 18 दिसंबर 2016 से 13 जून 2021 तक जिस सुदूर सड़क का निर्माण हुआ है। उसमें कुल 34 मस्टर रोल के जरिए 157068 रुपए का भुगतान विभिन्न मजदूरों के बैंक खातों में किया गया है।

इन मजदूरों में शामिल अजयप्रताप दांगी व निशा दांगी सरपंच लक्ष्मीबाई के बेटे-बहु हैं और सुरेन्द्र प्रताप दांगी व प्रिया दांगी सरपंच के देवर के बेटे-बहु के नाम हैं। दोनों बेटों को 31-31 दिन के हिसाब से आठ दस किश्तों में कुल 10916 रुपए और दोनों बहुओं को 30-30 दिन के हिसाब से 10356 का भुगतान कर दिया गया है। बताया गया है कि सरपंच का इकलौता बेटा अजयप्रताप जिसे मनरेगा में मजदूर घोषित किया गया है, वह भोपाल के एक नामी कॉलेज में बीएचएमएस का छात्र है।

बारिश में घुटनों तक धंस जाते हैं पैर : जिस सुदूर सड़क पर एक लाख 57 हजार रुपए खर्च किए हैं, असल में वहां केवल मिट्टी की कच्ची सड़क है। इसको करीला मेले के दौरान बाइपास के तौर पर उपयोग किया जाता है। मेले के ठीक पहले इसे ठीक कर दिया जाता है अन्यथा बरसात के दिनों में यहां पैदल निकलना भी दूभर है। सड़क के किनारे रहने वाले सात परिवार हैं। जिनमें से सचिन बिजौरिया ने बताया कि बरसात से सड़क पर इतना कीचड़ हो जाता है कि जरा से चूके तो दलदल से भरे गड्डों में घुटनों तक पैर धंस जाते हैं।

बच्चों के नाम जॉबकार्ड में डलवा दिए थे
मनरेगा में लोगों के नाम से जॉब कार्ड बनवाए थे। इनमें कुछ परिवार सहित गांव के लोग शामिल थे। पंचायत की तरफ से हर साल मेले के समय बाइपास रोड पर काम कराया जाता है। इस बार मेला नहीं लगा। इसके बाद भी हमने रोड पर मुरम आदि डलवाकर काम करवाया था। पुलिया नहीं होने से बारिश में समय सड़क पर डाला मटेरियल बह जाता है। बच्चों के नाम जॉबकार्ड में डलवा दिए थे। उस समय वह कॉलेज में पढ़ते थे। -अनिरुद्ध सिंह दांगी, सरपंच पति, ग्राम पंचायत बरखेड़ा जमाल

कानूनी कार्रवाई की जाएगी
पांच साल तक किसी सुदूर सड़क का काम होना ही अजीबोगरीब है। यदि इसमें अनियमितताएं की गई हैं तो तथ्यों की जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी होगा उस पर कानूनन कार्रवाई व राशि की वसूली की जाएगी। -वीएस जाटव, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत

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